
जयपुर। प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में चुनावी सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। हालांकि आगामी दिनों में इस गहमागहमी को और तेजी मिलेगी। इसकी झलक शनिवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों में देखने को मिली। एक तरफ जहां कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा, जो बेसब्री से चुनाव की घोषणा होने का इन्तजार करते नजर आए। वहीं भाजपा कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अजमेर आगमन को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश दिखाई दिया।
पीएम की सभा को लेकर रहा उत्साह
शनिवार दोपहर करीब सवा दो बजे भाजपा के प्रदेश कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। मुख्य भवन के प्रवेश द्वार पर कुछ कार्यकर्ता और कर्मचारी बैठे हुए थे, जिन्होंने बातचीत में बताया कि आज तो कुछ यहां कार्यकर्ता और पदाधिकारी ही यहां पहुंचे हैं। आधिकारिक तौर पर यहां वॉर रूम भी नजर आया औऱ सभागार के पीछे बने एक कमरे में जयपुर शहर से रहे एक पूर्व विधायक कुछ कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर में आयोजित पहली चुनावी सभा को देखते हुए मिले।
कार्यालय के बाहर शहर के एक नेता कुछ अन्य कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी की तारीख की घोषणा का इंतजार करते हुए चुनावी रणनीति पर चर्चा करते हुए मिले। उनका कहना था कि जिस तरह का माहौल प्रधानमंत्री, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की सभा में देखने को मिल रहा है, उससे लग रहा है कि भाजपा को फिर से सरकार बनाने में कोई परेशानी नहीं आएगी।
भाजपा के प्रदेश वॉर रूम में तैनात एक कर्मचारी के मुताबिक जल्द ही भाजपा ऐसे आम मतदाताओं को भी अब भाजपा से जोडऩे की तैयारी कर रही है, जो भाजपा की विचारधारा रखते हैं और काम भी करना चाहते हैं। दिल्ली से यहां आकर काम देख रहे राजस्थान के मूल निवासी कार्यकर्ता के मुताबिक जल्द ही इसके लिए एक नंबर जारी किया जाएगा, जिसमें ऐसे लोग उस पर मिस्ड कॉल देकर अपनी सहमति देंगे।
चुनाव की घोषणा का रहा इन्तजार
करीब तीन बजे कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय पर गहमागहमी का माहौल दिखा। परिसर के बाहर और परिसर के अंदर बने मुख्य द्वार पर कार्यकर्ता और कुछ पदाधिकारी अलग-अलग समूहों में बातचीत करते हुए नजर आए। अंदर जाने पर बाईं ओर बने कंट्रोल रूम में प्रदेश पदाधिकारी टीवी पर नजर गड़ाए दिखे।
यहां अंदर प्रवेश करते ही पूरे प्रदेश की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष बना हुआ है। यहीं पर साइड में बने कार्यालय प्रभारी के कक्ष में भी गहमागहमी रही। चुनाव की घोषणा होते ही यहां इसके नफा नुकसान का गणित बैठाते हुए भी कार्यकर्ता नजर आए। यहां कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी बात कर रहे थे कि कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितियां बनने के बाद यहां कार्यकर्ताओं की मूवमेंट अब बढ गई है। एक कार्यकर्ता ने बताया कि आगामी सोमवार को कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक प्रदेश मुख्यालय में होने की संभावना है।
कुछ पदाधिकारी उस बैठक की तैयारी में भी लगे हुए नजर आए। कांग्रेस की डिजिटल लैस मतदाताओं को लुभाने की तैयारी परंपरागत अधिक रहने की संभावना है। लेकिन कच्ची बस्तियों तक ऐसे नेताओं को सीधे संवाद के लिए भेजा जाएगा, जिनकी वहां के मतदाताओं में पैठ और प्रभाव है। इनके अलावा बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से ऐसे मतदाताओं की पहचान भी करवाई जा रही है, जो पूरी तरह सोशल मीडिया या डिजिटल रहित है।
Updated on:
07 Oct 2018 10:06 am
Published on:
07 Oct 2018 09:20 am
