
फाइल फोटो । पत्रिका
Rajasthan Electricity : राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने नए साल पर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। आयोग ने कटे हुए कनेक्शन फिर से जुड़वाने और 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए शुल्क तय करने संबंधी आदेश जारी किए हैं। अब कटे हुए घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन पांच साल तक तथा औद्योगिक कनेक्शन दो साल तक पुन: जुड़ सकेंगे।
जयपुर डिस्कॉम के वरिष्ठ अभियंता नई व्यवस्था को उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी बता रहे हैं। इस संबंध में आयोग ने इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड एंड कनेक्टेड मेटर्स रेगुलेशंस-2021 में द्वितीय संशोधन आदेश जारी कर दिए हैं। जल्द ही डिस्कॉम प्रबंधन भी फील्ड इंजीनियरों को आदेश जारी करेगा।
हालांकि कटे हुए कनेक्शन को पुन: जोड़ने की अवधि बढ़ाने वाले आदेश में एक नई शर्त भी जोड़ी गई है। यदि कनेक्शन कटने के बाद बिजली का पोल या ट्रांसफार्मर हट गया है, तो उसे दोबारा लगाने का खर्च उपभोक्ता को ही वहन करना होगा। ऐसे में यह शर्त उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है।
संशोधन आदेश में बिजली बिल की बकाया राशि वसूली को लेकर भी प्रावधान किया है। अब यदि कोई मकान खरीदा गया है और उसके लिए नया कनेक्शन लिया जाता है तो बकाया बिल की राशि नए मालिक या कब्जेदार से भी वसूली जा सकेगी।
उधर, शहर के सब डिवीजन में स्थायी रूप से काटे कनेक्शन की सूची तैयार की गई। बिजली कर्मी इन कनेक्शन पर बकाया राशि जमा कराने का नोटिस देने गए तो उनकी कई जगह पर बहस हुई। लोगों ने बकाया से इनकार किया।
संशोधन आदेश में 150 किलोवाट तक के कनेक्शन (जैसे फैक्टरी, हॉस्टल, मॉल और दुकान) के लिए शुल्क तय कर दिए गए हैं। इससे अब शुल्क को लेकर फील्ड इंजीनियरों और डिस्कॉम प्रबंधन के बीच अनावश्यक पत्राचार बंद होगा और आवेदकों को बिजली कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
Updated on:
06 Jan 2026 01:36 pm
Published on:
06 Jan 2026 12:28 pm
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