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Rajasthan Weather Update: तूफानी बारिश में भूल जाओ गर्मी, प्री-मानसून का करो इंतजार

Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मई और जून में गर्मी का मौसम पूरे पीक पर रहता है और मई तो पूरी तरह बारिश व बौछारों में बीत गया है। मौसम विभाग जून में भी बारिश व आंधी के अलर्ट जारी कर रहा है तो, दूसरी तरफ 13 जून से प्री-मानसून आने की संभावना बनी हुई है।  
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जयपुर

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Navneet Sharma

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Updated: 2 Jun 2023, 10:12 AM IST

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Rajasthan Weather Update: प्रदेश में पश्चिम विक्षोभ की वजह से बन रहे प्रेशर ग्रेडियेंट फाॅर्स के कारण शायद ही राजस्थान में तेज गर्मी का असर देखने का मौका मिले। राजस्थान में मई और जून में गर्मी का मौसम पूरे पीक पर रहता है और इसमें से एक महीना मई का तो पूरी तरह बारिश व बौछारों में बीत गया है। मौसम विभाग जून में भी बारिश व आंधी के अलर्ट जारी कर रहा है तो, दूसरी तरफ 13 जून से प्री-मानसून आने की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट व पूर्वानुमानों को देखें तो जून का पहला सप्ताह राजस्थान में आंधी-बारिश के बीच ही निकलने का अनुमान है। दूसरी तरफ 13 जून से एक्टिव हो रहे प्री-मानसून के चलते राजस्थान में तेज गर्मी पड़ने की संभावनाएं लगभग कम होती जा रही है। आज भी मौसम विभाग ने गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, धौलपुर, झुंझुनू, नागौर, दौसा, जयपुर, अलवर, भरतपुर व करौली में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा के हिसाब से आंधी चलने और बारिश होने की संभावना जताई है।

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13 जून से प्री-मानसून और बदलते मौसम का अलर्ट...!
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम राजस्थान में प्रेशर ग्रेडियेंट फाॅर्स बनने और (Rajasthan Global Warming) के कारण झुंझुनू, नागौर, दौसा, जयपुर, अलवर, भरतपुर व करौली जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले 2-4 दिन तक तेज हवाएं चलेगी। जिससे आसमान में धूल भी छाई रहेगी। दूसरी तरफ बीकानेर में प्री मानसून 13 जून से सक्रिय हो सकता है तो प्रदेश में मानसून 20 से 25 जून तक एंट्री करने की उम्मीद है। मॉनसून सीजन शुरू होने में अब चंद दिन बचे हैं, इस बीच मौसम विभाग ने अपने दूसरा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मॉनसून के लिए मौसम अनुकूल है आगे बढ़ने की स्थिति अच्छी दिखाई दे रही हैं। मॉनसून केरल में 4 जून को दस्तक देगा।

राजस्थान में गिरता तापमान
राज्य में पिछले 48 घंटे में बारिश से अधिकतम तापमान में 14 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से लगातार मौसम बदल रहा है। ऐसे में बदलाव का यह सिलसिला जून के शुरुआती सप्ताह में भी जारी रहेगा। जयपुर के चौमूं में मंगलवार देर रात मौसम बदला। तेज हवा के साथ आस-पास के गांवों में बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। खेतों में पानी भर गया। इलाके में पिछले 4-5 दिनों से हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है। पूरे प्रदेश में मई में 62.4 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है जो कि औसत 13.6 MM की तुलना में करीब चार गुना ज्यादा है। जैसलमेर के अधिकतम तापमान में 14 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। वहीं, बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।

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देश में मॉनसून की टाइमलाइन
मॉनसून की शुरुआत 25 मई से 1 जून के बीच होती है, भारत में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ही सक्रिय होता है, इसलिए केरल से ही मॉनसून की शुरुआत मानी जाती है। यहां मॉनसून 25 मई से 1 जून तक पहुंचता है। इसके बाद तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी, कोंकण में भी मॉनसून 15 जून तक सक्रिय हो जाता है, फिर ये कर्नाटक, मुंबई, गुजरात और पश्चिमी बेल्ट पर पहुंचता है।

105 साल का टूटा बारिश का रिकॉर्ड
भीषण गर्मी वाले महीने मई में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बरसात हुई है। लगातार पश्चिमी विक्षोभों के कारण प्रदेश में 105 वर्ष बार इतनी बारिश हुई है। इस साल मई में 62.4 मिमी पानी बरसा, जबकि इस महीने में औसत 13.6 मिमी बरसात होती है। प्रदेश में 358 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई। सर्वाधिक बारिश सीकर जिले में हुई, जहां पांच इंच से अधिक पानी बरसा। सबसे कम बारिश प्रदेश के सर्वाधिक बरसात वाले जिले बांसवाड़ा में हुई। वहां मई महीने में बारिश का औसत 4.7 मिमी है। वहां 7.8 मिमी बारिश ही मापी गई। मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले वर्ष 1917 के मई महीने में सर्वाधिक 71.9 मिमी बरसात हुई थी। हालांकि, मौसम वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन के बजाए मौसम में हुआ अस्थाई बदलाव मान रहे हैं।

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उत्तर भारत में दिखाई देगा मॉनसून का असर
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर भारत में अगले 2-3 दिन अच्छी बारिश होने का अनुमान है। प्री-मॉनसून (Pre-Monsoon) की अच्छी बारिश हुई है, 1 मार्च से 25 मई के बीच 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। प्री-मॉनसून सीजन में कम हीट वेव दिखाई दी है, उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून सामान्य से कम रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य का 92% बारिश का अनुमान है।