
जयपुर। सरकारी दस्तावेजों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का फोटो हटाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने बुधवार को आदेश जारी कर दिया। मुद्रण लेखन व सामग्री विभाग ने एक आदेश जारी कर सरकारी दस्तावेजों पर पं. दीनदयाल का लोगो प्रयोग करने का आदेश वापस ले लिया है।
राजे सरकार ने सभी विभाग, निगम, बोर्ड एवं स्वायत्तशाषी संस्थाओं के लैटर पैड पर पं.दीनदयाल के लोगो छपवाने का आदेश जारी किया गया था। अब इसी आदेश को वापस लिया गया है। गहलोत कैबिनेट ने अपनी पहली बैठक में ही नीतिगत निर्णय लिया कि यह लोगो हटाया जाएगा। इसे गहलोत सरकार ने सरकारी लोकाचार के नीतिगत मानदंडों के खिलाफ बताया था।
पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने एक दिसंबर, 2017 को आदेश जारी कर सरकारी लेटरपैड और परिपत्रों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय का फोटोयुक्त लोगो छापना अनिवार्य किया था। उस समय भी कांग्रेस की ओर से इस फैसले का विरोध किया गया था। कांग्रेस का कहना था कि दीनदयाल ने ऐसा समाज और देश के लिए कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया कि अशोक स्तम्भ के साथ उनका लोगो लगाया जाए।
Updated on:
03 Jan 2019 10:34 am
Published on:
03 Jan 2019 10:34 am
