
राजस्थान हाईकोर्ट। फोटो-पत्रिका
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक पार्क से पेड़ काटने के मामले में पार्क में नीम-पीपल आदि के 15 पौधे लगाने की शर्त पर आरोपी की अग्रिम जमानत मंजूर की है। कोर्ट ने कहा, हर व्यक्ति का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह पर्यावरण को स्वच्छ और हरा भरा रखे।
ऐसे में आरोपी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की उपस्थिति में पौधरोपण करे और पौधों की कम से कम एक साल तक देखभाल करे। नगरपालिका निगरानी रखे कि याचिकाकर्ता इन पौधों की देखभाल कर रहा है या नहीं।
न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन ने रमेश चन्द की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि आदेश को सजा के तौर पर नहीं देखा जाए, इसे याचिकाकर्ता की स्वैच्छिक सेवा माना जाए।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद ने कोर्ट को बताया कि नगर पालिका, झालरापाटन ने पिछले साल याचिकाकर्ता के खिलाफ झालरापाटन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई , जिसमें नगर पालिका के पार्क से कुछ पेड़ काटे जाने का आरोप लगाया गया।
याचिकाकर्ता के अनुसार उसके खिलाफ राजनीतिक द्वेषता से रिपोर्ट दर्ज कराई गई और वह अनुसंधान में सहयोग करने को तैयार है। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह अपराध ऐसा नहीं है, जिसमें गिरफ्तार कर पूछताछ की आवश्यकता हो। ऐसे में अग्रिम जमानत मंजूर की जाए।
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Updated on:
01 Jun 2025 09:23 am
Published on:
01 Jun 2025 09:23 am
