इसके साथ ही राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996 के नियम 67 में संशोधन की स्वीकृति भी दी गई। इस नए संशोधन के अनुसार अब मानसिक या शारीरिक निशक्तता से ग्रसित पुत्र अथवा पुत्री को विवाह उपरांत भी पारिवारिक पेंशन प्राप्त हो सकेगी। पहले यह सुविधा शादी के बाद समाप्त हो जाती थी। पेंशन की सीमा भी 8,550 रुपए से बढ़ाकर 13,750 रुपए तक कर दी गई है।