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‘मोदी मिशन’ को धत्ता बता रहे राजस्थान के मंत्री! सड़क किनारे लघुशंका का फोटो ज़बरदस्त VIRAL

राजस्थान में सड़क किनारे लघुशंका करते एक व्यक्ति की तस्वीर जमकर वायरल हो रही है। चर्चा है कि तस्वीर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ की है।

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rajasthan minister kalicharan saraf urinating in public

जयपुर।

पहले तो विधायक ज्ञानदेव आहूजा का ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। फिर बजट के बाद का सरकार का वह बयान चर्चा में आया, जिसमें साफ कह दिया गया कि बजट घोषणाएं पूरी होने की कोई गारंटी नहीं है। अब एक फोटो वायरल हुआ है। चर्चा है कि फोटो में सड़क किनारे लघुशंका कर रहा व्यक्ति चिकित्सा मन्त्री कालीचरण सराफ हैं।

बताया जा रहा है कि यह फोटो जवाहरनगर स्थित झालाना बाईपास का मंगलवार का है। इसमें सड़क पर चिकित्सा मन्त्री कालीचरण सराफ की सरकारी कार खडी है। कार के पास सराफ के पीए खड़े हैं और सराफ सड़क किनारे दीवार के पास लघुशंका कर रहे हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। राजस्थान पत्रिका ने सराफ से सम्पर्क करने की कई बार कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं की।

फोटो सही, तो पीएम की अपील का मखौल
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छता पर लगातार जोर दे रहे हैं। देशभर में बड़े पैमाने पर सरकारी मशीनरी स्वच्छता अभियान में जुटी है, शहरों में मोटी राशि भी खर्च की जा रही है। प्रधानमन्त्री जन-जन तक इस अभियान को पहुंचाने पर जोर दे रहे हैं। इसका जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर लोगों ने कमेंट किए हैं कि फोटो सही है तो यह प्रधानमन्त्री की स्वच्छता की अपील का खुला मखौल उड़ाना है।

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आम नागरिक पर जुर्माना, अब क्या करेगा नगर निगम
सोशल मीडिया पर लोगों ने यह सवाल भी दागा है कि पिछले दिनों बीटू बायपास चौराहा पर खुले में पेशाब करने के मामले में नगर निगम ने एक व्यक्ति पर २०० रुपए जुर्माना लगाया था, अब इस मामले में निगम क्या कार्रवाई करेगा?

पुलिस का रवैया भी कम शर्मनाक नहीं
इधर, एक और तस्वीर सामने आई है जिसमें स्वच्छता अभियान से पुलिस भी मुंह मोड़ती नजर आई। त्रिमूर्ति सर्किल के पास पुलिस ने लघुशंका के लिए बन्दी को टॉयलेट के भीतर जाने देने की बजाय बाहर ही खड़ा कर दिया।

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... इधर दिल्ली पहुंचा 'नो गारंटी' मामला
आठ माह में बजट के क्रियान्वयन को लेकर सरकार की ओर से दिए गए बयान के बाद विवाद गहरा गया है और मामला दिल्ली तक जा पहुंचा है। बजट के बाद सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने प्रेसवार्ता में ही यह बोल दिया था कि यह गारंटी नहीं कि बजट घोषणाएं आठ माह में पूरी हो जाएंगी।

इस बयान के बाद सरकार को विपक्ष ने चारों तरफ से घेर लिया। मामला दिल्ली तक जा पहुंचा है और नेशलन मीडिया में भी सरकार के शीर्ष नेतृत्व के इस बयान पर जमकर खिंचाई की जा रही है। इस मामले पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि बयान को गलत तरीके से लिया गया है। उनके कहने का यह मतलब था कि वे काम करने में विश्वास रखती है। अब तक जितने बजट पेश किए गए, सारी घोषणाएं पूरी हुई हैं।

संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उनके कहने का यह मतलब था कि जो बड़ी घोषणाएं और हजारों करोड़ रुपए की हैं, उनमें तो समय लगता ही है और बाकी सभी बजट घोषणाएं समय पर पूरी हो जाएंगी।

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