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राजस्थान के नागौर में लिथियम का मिला बड़ा खजाना, अब खत्म होगा चीन का दबदबा, कैसे जानें

Lithium in Rajasthan : राजस्थान के नागौर में लिथियम का बड़ा खजाना है। लिथियम खनन की नीलामी प्रक्रिया शुरू। अंतिम तिथि 1 दिसंबर 2025 है। खनन शुरू होने से जहां राजस्थान के राजस्व और रोजगार में भी भारी बढ़ोतरी होगी वहीं चीन से 80 फीसद आयात पर ब्रेक लगेगा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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सुनील सिंह सिसोदिया

Sep 18, 2025

Rajasthan Nagaur huge lithium treasure found China dominance will end Know how

फाइल फोटो पत्रिका

Lithium in Rajasthan : देश को लिथियम में आत्मनिर्भर बनाने में राजस्थान जल्द ही अहम भूमिका निभा सकता है। इससे देश ईवी कार, लैपटॉप और मोबाइल बैटरी बनाने के साथ ही परमाणु रिएक्टरों में उपयोग को लेकर बड़ी राहत मिलेगी। राजस्थान में नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र की रेंवत पहाड़ियों पर लिथियम भंडार मिलने के बाद केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। खनन शुरू होने से प्रदेश के राजस्व और रोजगार में भी भारी बढ़ोतरी होगी।

चीन से होता है 80 फीसदी लिथियम का आयात

वैसे देश में अब तक लिथियम भंडार राजस्थान के अलावा जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक सहित अन्य कुछ राज्यों में मिल चुके हैं, लेकिन अभी कहीं खनन शुरू नहीं हो सका है। भारत में अभी करीब 70 से 80 फीसदी लिथियम का आयात चीन से होता है। यहां खनन शुरू होने से क्षेत्र में चीन पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।

लिथियम के लिए चर्चित हो गई डेगाना की रेंवत पहाड़ियां

डेगाना की रेंवत पहाड़ियों में दशकों से टंगस्टन का खनन किया जा रहा था, लेकिन अब लिथियम के भंडार होने की पुष्टि जीएसआई के सर्वे में हुई है। सर्वे टीम कुछ साल पहले हाईग्रेड टंगस्टन की खोज करने पहाड़ियों पर गई थी। उसी दौरान इस इलाके में लिथियम के बड़े भंडार की उपलब्धता मिली थी। कहा जा रहा है कि यह इलाका ऐतिहासिक रूप से टंगस्टन की आपूर्ति के लिए जाना जाता था, अब यही क्षेत्र लिथियम के लिए चर्चित हो गया है।

देश का बड़ा भंडार

भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण (जीएसआई) ने टंगस्टन, लिथियम एवं एसोसिएटेड खनिजों के लिए नागौर, पाली व अजमेर में सर्वे किया था। सूत्रों के मुताबिक लिथियम के संभावित 14 मिलियन टन खनिज भण्डारों का आकलन किया गया है। जो देश का बड़ा भंडार माना जा रहा है।

खानों की नीलामी

क्रिटिकल सामरिक महत्व के मिनरल की नीलामी खान मंत्रालय की ओर से की जाती है। इसके तहत सामरिक महत्व के लिथियम, रेयर अर्थ, टंगस्टन और रोक फास्फेट की 4 खानों की नीलामी को लेकर 23 सितंबर से निविदा दस्तावेज की बिक्री शुरू होगी, जो 24 नवंबर तक जारी रहेगी। जमा कराने की अंतिम तिथि 1 दिसंबर 2025 रखी गई है।

कहां-कहां मिले लिथियम भंडार

छत्तीसगढ़ का कोरबा : देश की पहली लिथियम खान की नीलामी हुई है, खनन कार्य शुरू होने की प्रक्रिया में।
जम्मू-कश्मीर का रियासी, सलाल-हैमाना क्षेत्र : 5.9 मिलियन टन का लिथियम स्टॉक।
कर्नाटक का मांड्या जिला : लगभग 14,100 टन लिथियम भंडार।
अन्य संभावित राज्य : बिहार, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात।