
ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर
Electricity Update : राजस्थान सरकार बैटरी सिस्टम से बिजली करेगा स्टोर। राजस्थान में सोलर और विंड एनर्जी को बैटरी में स्टोर करने पर जल्द काम शुरू होगा। बैटरी की स्टोरेज क्षमता दो हजार मेगावाट होगी। इससे पीक ऑवर में आसानी से बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी। एक्सचेंज की महंगी बिजली पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। इस कार्य में केंद्र सरकार भरपूर मदद देगा।
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को राजस्थान अक्षय ऊर्जा बिजनेस प्रमोशन सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहरलाल से मिले तो उन्होंने कहा कि बिजली का स्टोरेज नहीं होगा तो काम नहीं चल पाएगा। उन्होंने किसानों को दिन में ही बिजली उपलब्ध कराने के लिए कुसुम योजना में काम को और गति देने की जरूरत जताई। इस मौके पर ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक ने कहा कि हम 7 माह पहले सोच रहे थे कि डिमांड के अनुसार बिजली आपूर्ति कैसे करेंगे, लेकिन काम शुरू किया तो आगे बढ़ते गए। सम्मेलन में 700 से ज्यादा प्रतिभागियों ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे नवाचार के बारे में बताया।
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प्रदेश में सौर ऊर्जा और विंड एनर्जी का उत्पादन तो हो रहा है, लेकिन इस बिजली के स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है। बिजली होने के बाद भी पीक ऑवर में एक्सचेंज से महंगी दर पर खरीदने की मजबूरी है। बैटरी में स्टोर करने के बाद जरूरत के समय बिजली सप्लाई की जा सकेगी। गुजरात ने 250 मेगावाट के साथ इस पर काम शुरू कर दिया है।
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Updated on:
09 Aug 2024 12:51 pm
Published on:
09 Aug 2024 12:51 pm
