
जयपुर। राजस्थान में इन दिनों सोशल मीडिया के माध्यम से सियासत में गर्माहट बनी हुई है। लोकसभा के प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी के विदेश में दिए गए बयान को लेकर राजस्थान में सियासी घमासान मचा हुआ है। सियासी तीर चल रहे हैं। हालात इस कदर है कि भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से राहुल गांधी का पासपोर्ट रद्द करने तक की मांग कर डाली है। इधर जोशी के इस मांग पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा और पूर्व मुुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोशी के खिलाफ जमकर मोर्चा खोल लिया है। सोशल मीडिया एक्स पर कांग्रेस के इन दोनों नेताओं ने पोस्ट कर जोशी के बयानों को हास्यास्पद बताया है।
जोशी ने राहुल गांधी के बारे में लिखा यह पत्र …
सीपी जोशी ने ओम बिड़ला को पत्र लिखा। इसमें राहुल गांधी को देश के लिए खतरा बताया और उनका पासपोर्ट निरस्त करने तक की मांग कर डाली। जोशी ने पत्र में लिखा कि "राहुल गांधी जैसे किसी व्यक्ति का नेता विपक्ष के पद पर रहना देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। और उनकी गतिविधियों को देखकर स्पष्ट हो जाता है कि वे देश विरोधी ताकतों के हाथों खेल रहे हैं। राहुल गांधी के बयान राजनीतिक नहीं बल्कि विशुद्ध तौर पर देश विरोधी गतिविधियों के दायरे में आते हैं। जो उनके आचरण को संदिग्ध बनाता है।
गहलोत ने किया पलटवार-जोशी का पत्र शरारत व हास्यास्पद
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि " चित्तौडगढ़़ सांसद सीपी जोशी का नेता विपक्ष राहुल गांधी के बारे में लोकसभा स्पीकर को लिखा गया पत्र ना सिर्फ हास्यास्पद है बल्कि शरारतपूर्ण है। राहुल गांधी ने अमेरिका में सिख समाज एवं दलित वर्ग के बारे में जो कहा उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
राहुल गांधी ने जो कहा उसे देशवासियों ने सुना है और उसमें कुछ भी ऐसा नहीं था जैसा भाजपा पेश करने की कोशिश कर रही है। भाजपा केवल राहुल गांधी को बदनाम करने का असफल प्रयास कर रही है। राहुल गांधी भारत देश के युवा, किसान, मजदूर, दलित, अल्पसंख्यक समेत हर वर्ग की आवाज हैं और उनकी भावनाओं को दुनिया के सामने रखना उनका कर्तव्य है।
डोटासरा बोले--- चमचागिरी और चाटुकारिता की पराकाष्ठा पार
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि "भाजपा नेताओं में कुर्सी की लोलुपता में चमचागिरी और चाटुकारिता की पराकाष्ठा पार करने होड़ लगी है।
नेता प्रतिपक्ष के संदर्भ में चित्तौडगढ़़ से भाजपा सांसद द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को लिखा गया और वायरल कराया गया पत्र इसका नमूना है।
सही मायनों में यह पत्र कागजों का ढेर लगाकार पार्टी फोरम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने एवं संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में अपनी पर्ची निकलवाने की सिफारिश से ज्यादा कुछ भी नहीं है।
देश के लिए दो-दो कुर्बानी देने वाले परिवार को भाजपा नेता राष्ट्र का सम्मान और सुरक्षा न सिखाएं।
Updated on:
25 Sept 2024 03:56 pm
Published on:
25 Sept 2024 03:55 pm
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