25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Politics: ‘महिला आरक्षण’ से सियासी दलों पर आएगा दबाव, सामने आएगी ये सबसे बड़ी परेशानी

Rajasthan Politics: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश होने का देश की राजनीति पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे तमाम राजनीतिक दलों पर महिलाओं को अधिक टिकट देने का दबाव होगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Kirti Verma

•

Updated: 20 Sep 2023, 11:20 AM IST

womens.jpg

जयपुर/जग्गोसिंह धाकड़. Rajasthan Politics: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश होने का देश की राजनीति पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे तमाम राजनीतिक दलों पर महिलाओं को अधिक टिकट देने का दबाव होगा। भले ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण वाला बिल इस बार के विधानसभा चुनावों में लागू नहीं हो पाए, लेकिन महिला संगठन महिलाओं को अधिक टिकट देने की मांग करेंगे। ऐसे में राजनीतिक दलों पर पहले से अधिक महिलाओं को उम्मीदवार बनाने का मनोवैज्ञानिक और नैतिक दबाव भी होगा।

अभी तक राजनीतिक दल आधी आबादी को पूरा अधिकार देने के दावे तो करते रहे, लेकिन जब टिकट देने का समय आता तो उसमें महिलाओं को बराबरी का हक नहीं दिया गया। पिछले विधानसभा चुनाव 2018 सहित इससे पहले के चुनावों में कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों ने महिलाओं को ज्यादा टिकट देने में कभी रुचि नहीं दिखाई। इस बार दोनों प्रमुख दलों में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए दावेदारी जताई है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में कांग्रेस की करीब 80 महिलाओं ने दावेदारी जताई है, वहीं इस बार भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने भी पहले से ज्यादा संख्या में दावेदारी की है।

यह भी पढ़ें : हनुमान बेनीवाल ने किया दावा, राजस्थान में बनने जा रही इस 'पार्टी' की सरकार

महिलाओं ने बढ़ाया कद, दी लोकतंत्र को मजबूती
पिछले दो विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने रेकॉर्ड कायम किया। दोनों बार पुरुषों से ज्यादा तादाद में पोलिंग बूथ पर पहुंचीं। यह आंकड़ा बताता है कि लोकतंत्र के महोत्सव में आधी आबादी ने अब न सिर्फ पुरुषों की बराबरी की, बल्कि आगे भी निकल रही हैं। विधानसभा चुनाव 2018 में महिलाओं का मतदान 74.67 प्रतिशत रहा और पुरुष का मतदान 73.49 प्रतिशत रहा। 2013 के चुनाव में महिलाओं का मतदान 75.44 प्रतिशत व पुरुष का मतदान 74.67 प्रतिशत रहा।

यह भी पढ़ें : Rajasthan Politics: राजस्थान की इस हॉट विधानसभा सीट ने भाजपा-कांग्रेस के छुड़ा रखे हैं पसीने

पिछले चुनाव का गणित
पिछले चुनाव में भाजपा ने 200 सीटों में से 177 सीटों पर पुरुष प्रत्याशी मैदान में उतारे और 23 महिलाओं को टिकट दिया। कांग्रेस ने 195 में से 168 सीटों पर पुरुष और 27 सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया। बसपा ने 190 में से 175 टिकट पुरुषों को और 15 टिकट महिलाओं को दिए। सीपीआई ने 16 विधानसभा क्षेत्रों और सीपीएम ने 28 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ा, लेकिन इनमें कोई महिला उम्मीदवार नहीं थी। इनके अलावा अन्य राजनीतिक दलों ने 755 प्रत्याशी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में खड़े किए और 69 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया। वहीं, 55 महिलाओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसमें से एक महिला प्रत्याशी ने जीत हासिल की।