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Rajasthan:‘बालाजी’ के नाम से सेव था पाक एजेंट का नंबर; इंटेलिजेंस की गिरफ्त में आए जासूस के मोबाइल ने खोला राज

राजस्थान इंटेलिजेंस की गिरफ्त में आए आरोपी प्रकाश सिंह उर्फ बादल ने पाकिस्तान एजेंट के मोबाइल नंबर धार्मिक नामों से सेव कर रखे थे। आरोपी ने संदेह से बचने के लिए ये नंबर 'बाबाजी','बालाजी' और 'बाला वीर' जैसे नामों से सेव किए थे ताकि किसी को उस पर शक न हो।
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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 3 Dec 2025, 7:41 AM IST

गिरफ्तार जासूस प्रकाश सिंह उर्फ बादल, पत्रिका फोटो

जयपुर। जासूसी के मामले में राजस्थान इंटेलिजेंस की गिरफ्त में आए आरोपी प्रकाश सिंह उर्फ बादल ने पाकिस्तान एजेंट के मोबाइल नंबर धार्मिक नामों से सेव कर रखे थे। इंटेलिजेंस अधिकारियों ने खुलासा किया कि आरोपी ने संदेह से बचने के लिए ये नंबर 'बाबाजी', 'बालाजी' और 'बाला वीर' जैसे नामों से सेव किए थे ताकि किसी को उस पर शक न हो। पंजाब के फिरोजपुर निवासी बादल को इंटेलिजेंस ने मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे गहन पूछताछ और मौका तस्दीक के लिए 10 दिन के रिमांड पर इंटेलिजेंस को सौंपा गया है।

मौका तस्दीक के लिए ले जाएंगे पंजाब

आइजी प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि, आरोपी बादल को नक्शा मौका तस्दीक के लिए पंजाब ले जाया जाएगा। इस बात की भी तस्दीक की जा रही है कि उसने किन-किन महत्वपूर्ण सैन्य और भौगोलिक स्थानों के फोटो पाक एजेंट को भेजे थे। आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाला जा रहा है। बैंक लेनदेन की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

इंटेलिजेंस टीम ने जासूस को यूं दबोचा

श्रीगंगानगर के साधुवाली छावनी क्षेत्र में बीते 27 नवंबर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी कर रहे युवक की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया। पकड़ा गया युवक प्रकाश सिंह उर्फ बादल (34) पंजाब के फिरोजपुर जिले का निवासी है।

बता दें कि कई दिनों से सैन्य क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास उसकी संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। इंटेलिजेंस टीम ने उसे निगरानी में रखने के बाद दबोचा, जिसके बाद खुलासा हुआ कि वह लंबे समय से आईएसआई का नेटवर्क चलाने में सक्रिय था। छापेमारी में उसके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, रिकॉर्डिंग गैजेट्स, इलाके के नक्शे और संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। तकनीकी जांच में पता चला कि प्रकाश अपने मोबाइल और एन्क्रिप्टेड एप्स के माध्यम से संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान भेजता रहा है।

मोबाइल फोन में मिले संदिग्ध वीडियो, फोटोग्राफ

उसके फोन में राजस्थान, पंजाब और गुजरात में सेना की मूवमेंट, सैन्य ठिकानों और बॉर्डर क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण कार्यों के वीडियो और फोटोग्राफ मिले। कई फाइलें क्लाउड बैकअप में भी अपलोड की गई थीं, जिनके आईएसआई तक पहुंचने के संकेत मिले हैं।

पाक हैंडलरों से संपर्क

सीआईडी इंटेलिजेंस के आईजी प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, प्रकाश ऑपरेशन सिंदूर के समय से ही पाक हैंडलरों के संपर्क में था। वह सोशल मीडिया और खासतौर पर वॉट्सएप के जरिए पाकिस्तान स्थित अधिकारियों से निर्देश प्राप्त करता था।