18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष का कमाल का जवाब, दीपिका पादुकोण का दिया उदाहरण

RSSB Chairman Amazing Answer : सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के सवाल पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष की नसीहत चर्चा में है। अभ्यर्थी ने पूछा, दाे परीक्षाएं एक साथ होती हैं तो कौनसी छोड़ें और कौनसी दें? तब आलोक राज ने दिया क्या जब।

2 min read
Google source verification
alok_raj.jpg

RSSB Chairman Alok Raj

RSSB Chairman Amazing Answer : राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर काफी सक्रिय हैं। वह अभ्यर्थियों की ओर से पूछे गए अधिकतर सवालों का जवाब भी देते हैं, लेकिन हाल ही एक सवाल पर बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से दिया गया एक जवाब चर्चा में है। जब एक अभ्यर्थी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर पूछा, सर, अगर किसी के दोनों एग्जाम का समय एक ही हुआ तो फिर वो कौनसा एग्जाम देंगे और कौनसा छोड़ेंगे। आपसे निवेदन है कि इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि किसी के भी दोनों एग्जाम एक ही समय पर और अलग-अलग शहरों में नहीं हों। तो राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष ने क्या नसीहत दी।



राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के दोनों एग्जाम यानि संगणक और सीएचओ एग्जाम का टाइम अलग-अलग है। पहला सुबह की शिफ्ट में है और सीएचओ दोपहर बाद की शिफ्ट में है। यदि आप कोई और दूसरे एग्जाम की बात कर रहे हो तो उसके लिए जैसा दीपिका पादुकोण ने 'ये जवानी है दीवानी' फिल्म में डायलॉग बोला था, "तुम कुछ भी कर लो, लाइफ में कुछ तो छूटेगा ही", सब मिलना संभव नहीं। इसीलिए यह तुम्हें डिसाइड करना है, क्या रखना है और क्या छोड़ना है। तभी जहन में सुकून रहेगा। जय हिन्द।

यह भी पढ़ें - 12वीं की परीक्षा पूर्व नया अपडेट, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने किया यह जरूरी काम



राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से तीन मार्च को दो प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। संगणक सीधी भर्ती परीक्षा तीन मार्च को सुबह की शिफ्ट में होगी, इसमें करीब एक लाख अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। वहीं, दूसरी सीएचओ भर्ती परीक्षा इसी दिन दोपहर की शिफ्ट में होगी। इसमें एक लाख 96 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।

यह भी पढ़ें - राजस्थान का ऐसा गांव जहां शिक्षक को रोकने के लिए ग्रामीणों ने किया ये काम, फिर टीचर को क्यों मिली जान से मारने की धमकी