
RBSE Secondary Result (Patrika Photo)
RBSE Result 2026: जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने मंगलवार को दसवीं, आठवीं और पांचवीं बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया। परिणाम घोषित होने के बाद बच्चों ने परिवारजनों और शिक्षकों के साथ सफलता की खुशी जाहिर की।
जयपुर जिले का प्रदर्शन प्रतिशत के लिहाज से मजबूत रहा, लेकिन प्रदेश स्तर की रैंकिंग में स्थिति थोड़ी बेहतर कम रही। दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम में जयपुर जिले का परिणाम 94.66 फीसदी रहा है। इस बार जयपुर में 1 लाख 522 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 99 हजार 570 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।
परीक्षा देने वालों में 53 हजार 484 छात्र और 46 हजार 086 छात्राएं शामिल थी। जिले में 94,251 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इनमें से 59,216 प्रथम, 29,601 द्वितीय और 5,433 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। गौरतलब है कि परीक्षाएं 12 से 28 फरवरी के बीच हुई थी। जयपुर में 1 लाख 522 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इधर आठवीं के परिणाम में 13 वां और पांचवीं में 28 वां स्थान रहा।
जयपुर जिले से 1 लाख 09 हजार 915 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 1 लाख 07 हजार 712 उत्तीर्ण हुए, परिणाम 96.62 प्रतिशत रहा। इसके बावजूद प्रदेश स्तर पर जयपुर को 13वां स्थान मिला।
कुल 1 लाख 14 हजार 342 अभ्यर्थी शामिल हुए। 1 लाख 11 हजार 748 उत्तीर्ण हुए, परिणाम 97.73 प्रतिशत रहा, प्रदेश स्तर पर जयपुर की स्थिति 28वें स्थान पर रही।
परिणाम जारी होने के साथ ही वेबसाइट भी धीमी रही। लगभग दो घंटे तक बच्चों और उनके परिजनों को परिणाम देखने में परेशानी आई। शाम को वेबसाइट पूरी तरह से सुचारू हो सकी।
10वीं के परिणाम में नेहारिका नवलानी ने 96 प्रतिशत, दिव्यांशु गहलोत ने 95.5 प्रतिशत, शक्ति सिंह ने 96.5 प्रतिशत, तेजी अग्रवाल ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया। रेयाशिका शर्मा ने 97.17 प्रतिशत और अंजेश यादव ने 95 प्रतिशत अंक हासिल कर नाम रोशन किया।
अपूर्व शर्मा-97.83%: अब जेईई टॉप करने पर फोकस- कंसिस्टेंसी और डेडिकेशन से सफलता हासिल की। एक सटीक प्लानिंग के साथ रेगुलर स्टडी करता था। मैथ्स मेरा फेवरेट सब्जेक्ट रहा। सोशल मीडिया से बनाकर रखी।
एग्जाम के समय से ही स्टडी का समय बढ़ा दिया था और एग्जाम में अपना बेस्ट दिया। बड़ी बहन ने मोटिवेट किया, जो यूपीएससी की तैयारी कर रही है। अब जेईई टॉप करना मेरा ड्रीम है। सफलता का श्रेय टीचर्स और पेरेंट्स को जाता है।
अंश खंडेलवाल 97.17%: इंजीनियर बनना ही मेरा ड्रीम- सफलता के लिए प्लानिंग के साथ स्टडी की। साथ ही खुद के नोट्स बनाए, जो एग्जाम के समय मददगार साबित हुए। स्कूल के अलावा 4-5 घंटे नियमित स्टडी स्टडी करना मुझे ज्यादा अच्छा लगता था।
गणित सबसे मजबूत विषय रहा, जिसमें 100 में 100 अंक प्राप्त किए, जबकि संस्कृत थोड़ा कठिन रहा। पिता सुनील खंडेलवाल समाचार पत्र वितरक हैं, जिनका हमेशा सहयोग मिला। इंजीनियर बनना मेरा ड्रीम है।
कुसुम चौधरी 97.83%: पेरेंट्स और टीचर्स का सपोर्ट- मैंने प्लानिंग के साथ बोर्ड एग्जाम की तैयारी की। स्कूल के अलावा घर पर रोज 4-5 घंटे स्टडी करती थी। साथ ही खुद के शॉर्ट नोट्स भी तैयार किए, जो एग्जाम के समय काफी 97.83% मददगार रहे।
इसमें माता-पिता और शिक्षकों ने बहुत सपोर्ट किया। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी, ताकि किसी भी प्रकार का डिस्टर्बेस नहीं हो। किसी भी सब्जेक्ट में डाउट होने पर शिक्षकों की मदद लेती थी। यही मेरी सक्सेस का मंत्र है।
Published on:
25 Mar 2026 09:20 am
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