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जयपुर: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से शुक्रवार से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा में 24.75 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बोर्ड ने परीक्षा को पारदर्शी आयोजित करने के लिए सख्ती बरती है।
बोर्ड ने परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों के आवेदनों की जांच की है। आवेदन फॉर्मों की जांच के दौरान बोर्ड को 1700 अभ्यर्थियों के डेटा मिसमैच मिले हैं। बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों को संदिग्ध माना है। इन अभ्यर्थियों को चिन्हित कर लिया गया है।
इन अभ्यर्थियों को जहां भी परीक्षा केंद्र मिला है। वहां बोर्ड की इन अभ्यर्थियों पर नजर रहेगी। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि कई बार सॉफ्टवेयर की गलती से भी हो सकता है। लेकिन परीक्षा में गड़बड़ी साबित मिलती है तो होती है तो कार्रवाई की जाएगी।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के दौरान 24.75 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत है। प्रदेश भर में 19 से 21 सितंबर तक परीक्षा का आयोजन होगा। सरकारी बसों में अपना एडमिट कार्ड दिखाकर फ्री सफर कर सकेंगे। प्रदेशभर में कुल 53 हजार 749 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। 38 जिलों में कुल 1300 परीक्षा केंद्रों पर छह परियों में भर्ती परीक्षा होगी। सबसे ज्यादा 200 परीक्षा केंद्र जयपुर में हैं, जहां 4 लाख 50 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स परीक्षा में हिस्सा लेंगे।
चूरू में राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा का आयोजन हो रहा है। पहले दिन 16 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थी पहुंचे। परीक्षा की दूसरी पारी आज अपराह्न 3 बजे शुरू होगी।
कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के हाथों पर बंधे धागे और गले में पहने डोरे कैंची से काटे गए, अंगूठियां और नोज पिन भी उतरवाए गए। सुबह 9 बजे के बाद सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश बंद कर दिया गया। कुछ अभ्यर्थी आखिरी मिनट में दौड़ते हुए पहुंचे, जबकि देर से आने वाले छात्रों ने हाथ जोड़कर भी प्रवेश के लिए विनती की। दूसरी पारी की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।
भरतपुर के बदन सिंह स्कूल में फुल स्लीव्स शर्ट पहनने पर अभ्यर्थियों की आस्तीन काटी गई। जयपुर के नेताजी सुभाष और श्रीमती कमला देवी बुधिया हाई स्कूल केंद्रों पर धार्मिक डोरे, लच्छा और कड़ा हटवाकर ही प्रवेश दिया गया।
अजमेर के सावित्री स्कूल में महिलाओं की कानों की बालियां उतरवाई गईं और फुल आस्तीन वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिला, जिससे कई उम्मीदवार बनियान में परीक्षा देने पहुंचे।
सीकर के एसके स्कूल और उदयपुर के रेजीडेंसी स्कूल में भी अभ्यर्थियों के धागे और टी-शर्ट के हिस्से काटे गए। पाली के बांगड़ कॉलेज में जूते उतारने और मन्नत के धागे खोलने के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। इस तरह पहले दिन नियमों और ड्रेस कोड के पालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया।
Updated on:
19 Sep 2025, 12:08 PM IST
Published on:
19 Sep 2025, 11:42 AM IST
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