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पॉजिटिव है मगर लक्षण नहीं, तो घर पर ही होंगे आइसोलेट, लेकिन इन नियमों का रखना होगा ध्यान

कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव है लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण नहीं है तो उसे अब घर पर ही आइसोलेट किया जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार अब एसिम्प्टोमेटिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घर पर आइसोलेट किया जाएगा...
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जयपुर

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Dinesh Saini

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Updated: 18 Jun 2020, 2:18 PM IST

Coronavirus: गुजरात में बीते 24 घंटे में कोरोना के 495 नए मरीज, लगातार 14वें दिन 400 से ज्यादा मामले

Coronavirus: गुजरात में बीते 24 घंटे में कोरोना के 495 नए मरीज, लगातार 14वें दिन 400 से ज्यादा मामले

जयपुर। कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव ( Corona Positive ) है लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण नहीं है तो उसे अब घर पर ही आइसोलेट किया जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार अब एसिम्प्टोमेटिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घर पर आइसोलेट किया जाएगा। उससे पहले मरीज को लिखित में देना होगा कि वह घर पर खुद को आइसोलेशन में रख सकता है।

चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहर में ऐसे करीब 34 मरीजों को होम आइसोलेशन किया जा चुका है जो कोरोना पॉजिटिव है लेकिन उनमें इसके लिए कोई लक्षण नहीं है।

आइसोलेट करने के यह है नियम
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीज को घर पर आइसोलेशन में रखने से पहले मरीज के लक्षणों को देखा जाता है साथ ही उसके घर पर आइसोलेशन के लिए अलग से कमरा व बाथरूम सहित गाइडलाइन के अनुसार इंतजाम है कि नहीं। होम आइसोलेशन के बाद मरीज की दिनभर की अपडेट सीएमएचओ ऑफिस को भेजनी होगी। सबसे ज्यादा जरूरी बात यह है कि मरीज के परिजनों का पढ़ा लिखा होना जरूरी है। इसके बाद ही मरीज को आइसोलेट किया जाता है।

होम आइसोलेट यह होगा फायदा
— मरीज को घर का माहौल मिलेगा।
— मरीजों को अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा
— मरीज को टेलीमेडिसिन की सुविधा भी मिलेगी

लगातार मॉनिटरिंग
होम आइसोलेट करने के बाद मरीज के परिजनों को सख्त हिदायत दी जाती है कि दिन में तीन बार मरीज के तापमान के साथ ही पल्स ऑक्सीमीटर से ब्लड में ऑक्सीजन सेचुरेशन की मात्रा मापते रहे। सीएमएचओ ऑफिस से मरीज की रोजाना मॉनिटरिंग के साथ ही उसके पल्स ऑक्सीमीटर व ब्लड सेचुरेशन की जानकारी ली जाती है। नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ रोजाना मरीज के घर जाकर उसके स्वास्थ्य की जानकारी लेता है।