
जयपुर। पुलिस अपराधियों की बजाय पीडि़तों के प्रति ही कठोरता दिखाती है, यह बात 4 साल की जीविका के मन में अभी से घर कर रही है। मासूम जीविका मां अंजलि धूत के साथ भूख-प्यासी घंटों तक महेशनगर थाने में स्कूटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने बैठी रही, लेकिन पुलिस नहीं पसीजी। अंजलि ने बताया, शनिवार सुबह 11 बजे श्रीगोपाल कॉलोनी में घर के बाहर से स्कूटी चोरी हो गई थी। उसी समय थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे लेकिन पुलिस ने टरका दिया।
स्कूटी चोरी का मामला दर्ज करने में पुलिस करती रही टालमटोल, अगले दिन बुलाया, फिर भी 7 घंटे बैठाए रखा।
थाने में आने पर भी 100 नंबर पर खुद फोन करो
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि महेशनगर थाने में पहले 100 नंबर कंट्रोल रूम पर फोन कर स्कूटी चोरी होने की सूचना देने के लिए कहा। फिर कहा, 24 घंटे बाद मुकदमा दर्ज होगा, रविवार सुबह आना। रविवार सुबह 9.30 बजे जीविका के साथ थाने पहुंची, पर 2 घंटे बैठाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बाद में परिचित के जरिए बच्ची के लिए बिस्किट व पानी मंगवाया।
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एसीपी-एसएचओ की भी नहीं चली
रविवार सुबह 11.30 बजे मामला सोडाला एसीपी नेम सिंह तक पहुंचा। उन्होंने एसएचओ से मिलने के लिए कहा व एसएचओ ने रिपोर्ट ड्यूटी ऑफिसर को दर्ज कराने के लिए भेज दिया। दोपहर 2 बजे तक मां-बेटी थाने में बैठी रही लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। दोपहर में पुलिसकर्मी बोले, पहले जयपुर के सभी पार्किंग स्थलों पर अपनी स्कूटी को तलाशकर आओ, इसके बाद रिपोर्ट दर्ज करेंगे। करीब 7 घंटे बाद अपराह्न को रिपोर्ट दर्ज की गई।
Published on:
23 Apr 2018 02:06 pm
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