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जयपुर में मिले लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात आतंकी ‘खरगोश’ को लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा, 2 साल से इन दो राज्यों का था मतदाता

Lashkar Terrorist 'Khargosh' Shocking Update: जयपुर में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ को लेकर एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि वह फर्जी पहचान के सहारे दो राज्यों में मतदाता बना रहा और लंबे समय तक सिस्टम से बचता रहा।

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terrorist Khargosh

फोटो: पत्रिका

Rajasthan Crime News: जयपुर में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब दो साल से एक साथ दो अलग-अलग राज्यों का मतदाता बना हुआ था। उसका नाम राजस्थान और हरियाणा, दोनों राज्यों की वोटर लिस्ट में दर्ज था।

दो राज्यों में अलग-अलग नाम से वोटर

जांच के अनुसार, आतंकी का नाम हरियाणा के नूंह जिले की पुनहाना विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में ‘सज्जाद अहमद’ के नाम से दर्ज था। उसका ईपिक नंबर भी जारी किया गया था। इसके बाद उसने 19 अगस्त 2023 को ऑनलाइन आवेदन करके जयपुर के हवामहल क्षेत्र की वोटर लिस्ट में भी अपना नाम जुड़वा लिया। इस तरह वह एक ही समय में दो जगह से मतदाता बना रहा।

प्रशासन ने की पुष्टि

इस मामले की पुष्टि जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) ने की है। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) के दौरान बीएलओ द्वारा की गई जांच में यह गड़बड़ी सामने आई। जांच के बाद उसका नाम जयपुर की हवामहल सीट की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। अब सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इस आतंकी ने फर्जी पहचान कैसे बनाई और उसे स्थानीय स्तर पर किसने मदद की।

ये था पूरा मामला

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ जयपुर में करीब एक साल तक ‘सज्जाद अहमद’ की फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। उसने जयसिंहपुरा खोर स्थित एक पते पर आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और बैंक खाता तक बनवा लिया था। हैरानी की बात यह रही कि वह हवामहल क्षेत्र का पंजीकृत मतदाता भी बन गया।

वह खुद को हरियाणा के नूंह का निवासी बताता था, लेकिन स्थानीय स्तर पर उसके दस्तावेजों की ठीक से जांच नहीं हुई। उसकी पहचान तब उजागर हुई जब उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उसकी जानकारी नूंह से जुड़ी मिली।

जांच में सामने आया कि जयपुर और नूंह, दोनों जगह मकान मालिकों ने उसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। अब सुरक्षा एजेंसियां उसके बैंक खातों के लेन-देन की जांच कर रही हैं और यह भी आशंका है कि वह शहर में संवेदनशील जगहों की रेकी कर रहा था।