
जयपुर
जोधपुर के शेरगढ़ थाना इलाके में स्थित भूंगरा गांव में हुए सिलेंडर धमाकों के बाद झुलसे हुए लोगों की मौत की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आठ दिन के दौरान अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें दूल्हे के माता पिता, दो ताऊ, बहन, उसके दो बच्चे और परिवार के अन्य लोगों समेत आसपास रहने वाले लोग शामिल हैं। हालात ये हो गए है कि गांव में स्थित शमशान की चिता की आग ठंडी नहीं होती उससे पहले नई लाश जलने आ जाती है।
कई घरों में तो हालात ये हो गए है कि या तो बच्चे ही बचे हैं या फिर माता पिता.... दोनो में से कोई एक....। इस हादसे के बाद अब हालात सरकार के खिलाफ बनते जा रहे हैं। राजपूत समाज का एक बड़ा धड़ा सरकार के विरोध में उतर गया है और अब बढ़े हुए मुआवजे, सरकारी नौकरी और अन्य मांगे की जा रही है। सरकार पर आरोप लगाए जा रहे हैं लापरवाही बरतने के...।
इस हादसे में गुरुवार रात तक चार महिलाओं की मौत हो गई। उनमें चालीस वर्षीय अनंची कंवर, 29 वर्षीय रसाल कंवर, 57 वर्षीय सुगन कंवर और चालीस वर्षीय धापू कंवर शामिल है। सभी शव एमजीएच मोर्चरी में ही रखे हैं। समाज और परिवार से जुड़े लोगों ने अब शव लेने से मना कर दिया है। अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में भीड़ है जो शव उठाने से इंकार कर रही है और धरने पर बैठ गई है। समाज ने अपनी डिमांड के साथ गुरुवार से महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी पर धरना शुरू कर दिया जो देर रात तक जारी रहा।
रात को विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे। उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया उन्होंने डॉक्टर को धन्यवाद भी दिया। वो खुद भी धरने पर बैठे और उन्होंने सरकार से मांग की कि 20 करोड़ का पैकेज जारी किया जाए। मृतकों के परिवार को एक करोड़ रुपए दिया जाए। घायल को 25 लाख का मुवावजा दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह गुरुवार को भूंगरा गांव में रहने वाले सगत सिंह के बेटे सुरेन्द्र सिंह की बारात सज धजकर तैयार हो रही थी बाडमेर जाने के लिए। बाडमेर से दुल्हन को लिवाने जाते इससे पहले मौत ने तांडव मचा दिया । सिलेंडर फटे और अब तक 31 की जलने से मौत हो चुकी हैं। हर कुछ घंटे में किसी न किसी की मौत की सूचना पहुंच रही है।
Published on:
16 Dec 2022 07:57 am
