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Teachers Day पर राजस्थान सरकार ने किया शिक्षकों का अपमान, टीचर बोले इससे अच्छा तो शॉल और प्रमाण-पत्र घर ही भेज देते

ये कैसा शिक्षक सम्मान : शिक्षक दिवस ( Teachers Day ) पर बिड़ला सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह ( State Level Teacher Honor Ceremony ) में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) के पहुंचने से पहले ही दिया और कहा हो गया सम्मान

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State Level Teacher Honor Ceremony

Teachers Day पर राजस्थान सरकार ने किया शिक्षकों का अपमान, टीचर बोले इससे अच्छा तो शॉल और प्रमाण-पत्र घर ही भेज देते

जया गुप्ता / जयपुर। राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) ने शिक्षक दिवस ( Teachers Day ) पर शिक्षकों के लिए राज्य स्तरीय सम्मान समारोह ( State Level Teacher Honor Ceremony ) रखा। दावा किया कि इस बार अधिक शिक्षकों का सम्मान कर शिक्षकों की गरिमा को बढ़ाएंगे। 33 शिक्षकों के स्थान पर 109 शिक्षक राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चुने गए। समारोह हर वर्ष की तरह बिड़ला सभागार ( Birla Auditorium Jaipur ) में रखा गया। अपेक्षा से अधिक लोग समारोह में पहुंचे। भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, बाड़मेर सहित सभी जिलों के गांवों से शिक्षक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) के हाथों सम्मानित होने का सपना लिए सभागार में पहुंचे। सभागार में पहुंचते ही विभागीय अधिकारियों ने सूची में नाम देख-देखकर शिक्षकों को किट पकड़ा दिए। उन्हें कहा गया कि इसमें से शॉल निकाल कर अपने कंधे पर डाल लें और प्रशस्ति पत्र को पकड़ लें। बाद में मुख्यमंत्री के साथ फोटो करवा दिया जाएगा। अधमन से शिक्षक सभागार में दाखिल हुए और किट खोलकर शॉल कंधे पर डालकर बैठ गए।

बारां से आई निर्मला सिंह ने कहा कि सीएम से हाथ से सम्मान लेने का सपना लेकर आए थे। ऐसे सम्मानित होने से अच्छा था कि विभाग ये किट घर ही पहुंचा देता। घर में बीमार बच्चों को छोड़कर आई हूं। वहीं, बांसवाड़ा निवासी शिवशंकर सुथार ने बताया कि सम्मान का मतलब ही मंच पर बुलाकर सम्मान करना होता है। यहां तो पहले ही शॉल और प्रशस्ति पत्र पकड़ा दिया गया।

मामले पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक व राज्य स्तरीय चयन समिति के समन्वयक नथमल डिडेल ने कहा कि समय अभाव के कारण प्रशस्ति पत्र पहले ही दे दिए हैं। बाद में मुख्यमंत्री के साथ सभी सम्मानितों का फोटो होगा।

निजी स्कूल फीस के नाम पर लूट नहीं करें

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि निजी स्कूलों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि निजी स्कूल फीस के नाम पर लूट नहीं करें। जो निजी स्कूल शिक्षा को बढ़ावा देने के भाव से चल रहे हैं, वे स्वागत योग्य हैं। जो स्कूल इंग्लिश मीडियम के नाम पर व्यवसाय कर रहे हैं। वह ठीक नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं।