1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तबादलों पर छूट का आज अंतिम दिन, कई मंत्रियों ने छूट बढ़ाने की रखी मांग

रात तक तैयार होती रही सूचियां, आज बड़ी संख्या में हो सकते हैं तबादले कई विभागों में अभी तबादले हुए नहीं, जिनमें हुए वहां भी बहुत कम
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Arvind Singh Shaktawat

•

Updated: 17 Apr 2024, 7:22 PM IST

तबादलों पर छूट का आज अंतिम दिन, कई मंत्रियों ने छूट बढ़ाने की रखी मांग

तबादलों पर छूट का आज अंतिम दिन, कई मंत्रियों ने छूट बढ़ाने की रखी मांग

प्रदेश में 10 फरवरी से तबादलों से हटे प्रतिबंध की समय सीमा मंगलवार को खत्म हो रही है। राज्य सरकार ने 20 फरवरी तक ही तबादलों से प्रतिबंध हटाया था। लेकिन, चिकित्सा, सार्वजनिक निर्माण विभाग, खान सहित कई विभागों में अभी तबादले हुए ही नहीं, वहीं कई विभागों में हुए हैं तो वह भी बहुत कम संख्या में हुए हैं। ऐसे में सोमवार को रात तक कई मंत्रियों के तबादलों को लेकर कामकाज चलता रहा।

इस बीच पांच-छह मंत्रियों ने सीएम भजनलाल शर्मा से तबादलों से प्रतिबंध हटाने की अवधि कुछ दिन और बढ़ाने की मांग करना बताया जा रहा है। हालांकि, अभी सीएमओ ने तबादलों से प्रतिबंध हटाने की समय सीमा में छूट देने की मंजूरी नहीं दी है। मंत्रियों की मांग मानी जाती है तो दो से तीन दिन की छूट बढ़ाई जा सकती है।भजनलाल सरकार में पहली बार तबादलों से रोक हटने के बाद माना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में विभागों में अधिकारी-कर्मचारी इधर-उधर होंगे। लेकिन अभी तक कुछ ही विभागों में तबादले हुए हैं। उनकी भी संख्या कम ही है। वहीं अधिकांश विभागों में तबादलों को लेकर सोमवार को भी मंथन होना बताया गया। माना जा रहा था कि रात तक कुछ और विभागों की सूचियों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

अर्जी लेकर विधायक पहुंच रहे मुख्य सचिव के पास

सरकार में तबादलों को लेकर इस बार नया रिवाज देखने को मिल रहा है। जो विधायक अब तक मंत्रियों को अर्जी देते नजर आते थे। वे अब ज्यादातर मुख्य सचिव सुधांश पंत को अर्जी देकर तबादलों की सिफारिश कर रहे हैं। भाजपा विधायक जिलों में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में लगे कार्मिकों को हटाने की लगातार मांग करते आ रहे हैं। विधायकों की मांग है कि जिन्होंने चुनाव में सरकार के इशारे पर काम किया। कम से कम उनको हटाया जाए। इसी को देखते हुए तबादलों से रोक हटाई गई। लेकिन, अभी उनकी इच्छा के मुताबिक तबादले नहीं हो सके हैं। इससे तबादलों को लेकर खींचतान भी हो रही है।