
चिकित्सालय (फोटो: पत्रिका)
Unique Case Of Pregnancy: जयपुर के सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने बुधवार को एक गर्भवती का सफल फीटल रिडक्शन किया है। चिकित्सकों का दावा है कि राज्य में किसी सरकारी अस्पताल का यह पहला मामला है।
महिला चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. आशा वर्मा ने बताया कि तीन माह की गर्भावस्था में अलवर निवासी महिला अस्पताल पहुंची। जांच में पता चला कि उसके गर्भ में चार भ्रूण पल रहे थे। यह स्थिति उसके लिए जोखिम भरी हो सकती थी। ऐसे में चार भ्रूण के होने से उसे हाई ब्लडप्रेशर, अत्यधिक रक्तस्राव और जान जाने का खतरा भी था। साथ ही शिशुओं का विकास भी रुक सकता था या प्रीमेच्योर डिलीवरी भी हो सकती थी।
ये देखते हुए फीटल रिडक्शन की प्रक्रिया की गई। इसके तहत उस महिला के गर्भ में पल रहे चार में से दो भ्रूणों को हटाकर शेष दो को सुरक्षित रखा गया। अब महिला के गर्भ में जुड़वां शिशु स्वस्थ तरीके से विकसित हो रहे हैं। डॉ. अदिति बंसल ने बताया कि इस तकनीक ने मां और शिशुओं की जान बचाई है। महिला की हालत सामान्य है और डिलीवरी होने तक उसकी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
फीटल रिडक्शन एक मेडिकल प्रक्रिया है जो तब की जाती है जब महिला के गर्भ में एक साथ तीन या उससे ज्यादा भ्रूण पल रहे हों। इसे मल्टीफेटल प्रेग्नेंसी रिडक्शन भी कहते हैं। अधिक भ्रूण होने से मां और शिशुओं की जान को खतरा रहता है। इस प्रक्रिया में अल्ट्रासाउंड की मदद से एक या दो भ्रूण सुरक्षित रखते हैं ताकि उनका विकास सामान्य हो सके।
Updated on:
24 Jul 2025, 9:27 AM IST
Published on:
24 Jul 2025, 9:25 AM IST
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