
जयपुर। आज के समय में महिलाएं बिजनेस के हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्शा रही हैं। इसी के चलते अब गोबर से पेंट और पुट्टी बनाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। यह कारनामा रायपुर की महिलाओं ने करके दिखाया है। यहां के जरवाह गौठान यानि पशुओं को रखने की जगह में गोवर्धन महिला स्वयंसहायता समूह की महिलाएं गोबर से कई सारे उत्पाद बना रही हैं। इन प्रोडक्ट्स में गोबर से बनने वाला डिस्टेंपर, इमल्शन पेंट और पुट्टी को पूरे प्रदेश में पसंद किया जा रहा है, क्योंकि यह गर्मी में दीवारों को ठंडा रखता है। इस समूह की अध्यक्ष धनेश्वरी का कहना है कि यह पेंट भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय प्रशिक्षण शाला की ओर से प्रमाणित भी किया गया है। उनका कहना है कि पहले हम लोग घर पर रहते थे, लेकिन जब से गौठान में नवाचार से जुड़े तो हमारी पहचान बनी।
धनेश्वरी ने बताया कि गांव की कई महिलाएं अब गौठान से जुड़ रही हैं। यहां जिन चीजों का उत्पादन किया जाता है, उनके लिए पहले महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां काम करने वाली महिलाएं 5वीं से 10वीं तक पढ़ी-लिखी हैं, लेकिन वह प्रबंधन संबंधी कामों को बखूबी संभालना जानती हैं। धनेश्वरी कहती हैं कि इस कार्य के लिए नगर निगम अधिकारी अरुण ध्रुव और कलेक्टर का भी पूरा सहयोग मिलता है। समूह की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट, गमला, गुलाल, गोकाष्ठ आदि कई प्रोडक्ट भी तैयार कर रही हैं।
धनेश्वरी कहती हैं कि गोबर से बने पेंट की यह खासियत यह है कि इससे घर में केमिकल की गंध नहीं आती है। यह पेंट कीमत में भी किफायती है। केमिकल युक्त पेंट जहां 350 रुपए प्रति लीटर तक मिलता है, वहीं गोबर पेंट की कीमत 150 रुपए प्रति लीटर है। यह पेंट एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल है। इसके साथ ही यह घर की दीवारों को गर्मी में गर्म होने से भी बचाता है और तापमान को भी नियंत्रित करता है।
Published on:
1 Jun 2023, 3:37 PM IST
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