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दिधु गांव के विद्यार्थियों की पीड़ा,पढऩे के लिए हर दिन करना पड़ रहा 10 किमी का सफर

रामदेवरा क्षेत्र के दिधु गांव में माध्यमिक स्तर का विद्यालय नहीं होने के कारण छात्र छात्राओं को अध्ययन में परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि गांव में उच्च प्राथमिक स्तर का विद्यालय वर्षों से संचालित हो रहा है। जिसे क्रमोन्नत नहीं किए जाने के कारण छात्र छात्राओं को आठवीं के बाद विद्यालय छोडऩे के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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jaisalmer

दिधु गांव के विद्यार्थियों की पीड़ा,पढऩे के लिए हर दिन करना पड़ रहा 10 किमी का सफर

जैसलमेर/रामदेवरा. क्षेत्र के दिधु गांव में माध्यमिक स्तर का विद्यालय नहीं होने के कारण छात्र छात्राओं को अध्ययन में परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि गांव में उच्च प्राथमिक स्तर का विद्यालय वर्षों से संचालित हो रहा है। जिसे क्रमोन्नत नहीं किए जाने के कारण छात्र छात्राओं को आठवीं के बाद विद्यालय छोडऩे के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अवगत भी करवाया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने विद्यालय को माध्यमिक स्तर में क्रमोन्नत करने की मांग की है। दिधु गांव में माध्यमिक स्तर का विद्यालय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को 10 किमी दूर अजासर अथवा आसकंद्रा जाकर अध्ययन करना पड़ता है। विशेष रूप से छात्राओं का 10 किमी तक सफर करना मुश्किल हो जाता है। आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्र बसों अथवा साइकिलों से अजासर या आसकंद्रा जाकर अध्ययन करते है, लेकिन छात्राओं के लिए अकेले लम्बा सफर साइकिल पर तय करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उन्हें मजबूरन आठवीं के बाद विद्यालय छोडऩा पड़ता है।
विद्यालय में आधे से अधिक छात्राएं
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय दिधु को शिक्षा विभाग की ओर से उत्कृष्ट की श्रेणी में शामिल किया गया है। यहां करीब 300 छात्र छात्राएं अध्ययनरत है। जिसमें 150 से अधिक छात्राएं है। कक्षा आठवीं में भी 30 से अधिक छात्र छात्राएं अध्ययनरत है। जिन्हें आगे कक्षा नौ में प्रवेश लेना होगा। गांव के पर्वतसिंह ने बताया कि कई वर्ष पूर्व विद्यालय पांचवीं से आठवीं में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन उसके बाद यहां आने वाले अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।