
पदयात्री संघों के आने से पोकरण कस्बे की रौनक बढी,दो दिन से सभी मार्ग यात्रियों से अटे
पोकरण. बाबा रामदेव के मेले को लेकर गत दो दिन से जोधपुर से विशाल पदयात्री संघों के आगमन से कस्बे के जोधपुर रोड से जैसलमेर रोड, जयनारायण व्यास सर्किल, फोर्ट रोड आदि क्षेत्रों में चहल-पहल बढ़ गई है। इन दिनों सडक़ों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बाबा रामदेव मेले के दौरान जोधपुर से आने वाले सभी पदयात्री संघ एक दिन पोकरण कस्बे में रुककर यहां विश्राम करते है तथा दूसरे दिन अलसुबह रामदेवरा के लिए रवाना होते है। श्रद्धालुओं की ऐसी धारणा व आस्था है कि बाबा रामदेव की क्रीड़ा स्थली व उनके गुरु बालीनाथ महाराज के जन्मस्थान पोकरण कस्बे में एक रात रुककर जागरण व भजन कीर्तन करने से बाबा रामदेव की पदयात्रा का फल मिलता है। इसी के चलते रविवार को अपराह्न बाद पोकरण में पैदल यात्री संघों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो संघ रविवार की शाम तक पोकरण पहुंच गया, वह सोमवार को रामदेवरा के लिए रवाना हुआ। इसी प्रकार सोमवार को भी दिनभर कस्बे में कई पदयात्री संघों के पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। जिससे मुख्य चौराहे, रेलवे स्टेशन रोड़, फोर्ट रोड़, रामदेवरा रोड़ व बालीनाथ महाराज के आश्रम के आसपास के क्षेत्र में भीड़ हो गई। यहां पहुंचने के बाद बाबा के छोटे मंदिर सजाकर रात्रि में जगह-जगह पैदल संघों ने जागरण किया।
एक दिन पहले आ रहे वाहन व सामान
जोधपुर की मसूरियां पहाड़ी पर स्थित बाबा रामदेव के मंदिर से पूजा-अर्चना करने के पश्चात् बाबा की दूज को ये संघ रवाना होते है, जो करीब अष्टमी व नवमी तक पोकरण पहुंचते है। पदयात्री संघों के पहुंचने से एक दिन पहले उनके साजो सामान के साथ लाव लश्कर यहां पहुंचकर कस्बे में खाली पड़ी जगह को अपने संघ के ठहरने के लिए आरक्षित कर देते है। संघ के साथ चलने वाले वाहन व बर्तनों तथा टेंट के सामान से भरे ट्रक एक दिन पहले पहुंचकर कस्बे में अपनी जगह सुरक्षित कर लेते है। उसके दूसरे दिन विशाल संघ के साथ पदयात्री यहां पहुंचते है, जो रातभर बाबा के भजन, जागरण व यहां विश्राम करने के बाद अगले दिन अलसुबह रवाना होते है।
..और बन जाता है आश्रय
रामदेवरा आने वाले पदयात्री संघ गत कई वर्षों से आ रहे है। जिनमें प्रतिवर्ष यात्रियों का इजाफा हो रहा है। ये संघ मुख्य चौराहे के आसपास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर, तहसील परिसर, नगरपालिका परिसर, रेलवे स्टेशन रोड व आसपास के क्षेत्र को अपना आश्रय स्थल बना लेते है। जिससे यहां दो दिन तक श्रद्धालुओं की रेलमपेल लगी रहती है। जिसके चलते कस्बे में दो दिनों से रामदेवरा मेले जैसा माहौल बना हुआ है तथा चारों तरफ मेलार्थी ही मेलार्थी नजर आ रहे है।
उमड़ते है स्थानीय लोग भी
इन विशाल पदयात्री संघों का स्थानीय लोगों में भी आकर्षण रहता है। संघ के साथ विशाल लम्बे चौड़े झण्डे, बाबा के प्रिय कपड़े के विशालकाय घोड़े व एक वाहन में सजाया गया बाबा रामदेव का मंदिर होता है, जो स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन जाता है। इसी तरह इन संघों के साथ कई ख्याति प्राप्त गायक कलाकार रातभर भजनों का कार्यक्रम प्रस्तुत करते है। जिसे सुनने व इन जातरुओं के जोश व नृत्य को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भी संघ पड़ाव स्थल पर भीड़ लग जाती है।
निकाली झण्डा रैली
कस्बे में रविवार व सोमवार को जोधपुर के क्षत्रिय माली समाज, सांसी समाज, बंजारा समाज, खटीक समाज, मेघवाल समाज के अलग-अलग संघ व 36 कौम का एक अलग संघ पोकरण पहुंचा। इन संघों की ओर से सामुहिक झण्डा रैली निकाली जाती है। इसी के अंतर्गत सोमवार को सुबह सभी संघों के साथ आए श्रद्धालु जोधपुर रोड़ पर एकत्र हुए। बड़े-बड़े विशाल झण्डे लिए हुए इन श्रद्धालुओं ने सुबह नौ बजे झण्डा रैली निकाली, जो जोधपुर रोड़, अस्पताल रोड़, जयनारायण व्यास सर्किल होते हुए रेलवे स्टेशन रोड पहुंची। इन संघों की ओर से अलग-अलग जगहों पर अपने डेरे डाले गए है। इन डेरों के आगे झण्डों को विद्युत व टेलीफोन के खंभों से बांध दिया जाता है तथा दूसरे दिन सुबह झण्डे लेकर रामदेवरा के लिए रवाना हो जाते है। सोमवार को सैंकड़ों श्रद्धालुओं के साथ निकाली गई झण्डा रैली कस्बे में आकर्षण का केन्द्र रही।
लग गया जाम, एक घंटे बाद हुआ सुचारु
एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की ओर से झण्डा रैली निकालने पर कस्बे के जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर सडक़ के दोनों तरफ जाम लग गया तथा यातायात व्यवस्था लडखड़़ा गई। एक मार्ग ये पदयात्री संघ चल रहा था, तो दूसरी सडक़ से वाहनों को आवागमन करना पड़ा है। सोमवार को सुबह संघ की ओर से निकाली गई झण्डा रैली के दौरान यातायात व्यवस्था बुरी तरह से लडखड़़ा गई तथा वाहनों का जाम लग गया। झण्डा रैली के निकलने के दौरान पुलिस के जवानों ने करीब एक घंटे तक मशक्कत कर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया।
Published on:
18 Sept 2018 07:28 am
