
खेती में नवीनतम तकनीकी का उपयोग करें किसान : चौधरी
जैसलमेर. कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर की ओर से राष्ट्रीय कृषि आर्थिक एवं नीति अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली से प्रायोजित एकदिवसीय किसान मेले का आयोजन खेमा बाबा के मंदिर 95 एस एल डीए मोहनगढ़ मे किया गया। जिसमें किसानों को जल का महत्व एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। किसान मेले में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने अधिक से अधिक कृषकों को भाग लेकर कृषि एवं नवीनतम तकनीकों को अपनाकर खेती करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जैसलमेर खडीन परम्परा की खेती की सरहाना करते हुए वर्षा जल सरक्षण तकनीक पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। किसानों से सरकार द्वारा कृषि बजट मे बढ़ाने पर चर्चा करते हुए उन्होंने विभिन्न जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने किसानो से जैविक खेती को अपनाकर सरकार का सहयोग करने की अपील की।
अनुसंधान निदेशालय निदेशक डॉ. पीएस शेखावत ने जलवायु अनुकूल फसलों की उन्नत किस्मों पर चर्चा करते हुए कम पानी मे अधिक पैदावार लेने के लिए प्रेरित किया। प्रसार शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निदेशक डॉ सुभाष चंद्र ने जल संरक्षण के तहत अधिक से अधिक जल बचाने पर बल देते हुए बारिश में तालाब, एनीकट, खड़ीन निर्माण, खेत तलाई, जल हौज आदि के माध्यम से जल संग्रहण करके जलस्तर को गिरने से बचाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में किसान उत्पादन संगठन के प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शारदा, पूर्व विधायक छोटूसिंह भाटी, आईदानसिंह, हाथी सिंह, हिम्मताराम चौधरी, आत्मा निदेशक जयदीप दोगने, चुगसिंह, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
केवीके के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने कृषि के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद के बाद तकनीकी समर्थन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कृषि में फसल नियोजन और नवीन तकनीकी माध्यम से प्रभावी फसल प्रबंधन के महत्त्व को भी रेखांकित किया। मेले में लगभग दो हजार किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। किसानों को उर्वरकों, जैविक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, बीज, खाद्य उन्नत यंत्रों और सिंचाई पद्धति की जानकारी देने के लिए मेले में करीब 20 स्टॉल्स व प्रदर्शनी भी लगाई गई। किसानों व अधिकारियों ने मेले में लगे हुए स्टाल का अवलोकन किया। इसमें किसानों द्वारा उगाए गए फल, फूल व सब्जी और पशुपालन में उन्नत नस्लों आदि की प्रदर्शनी भी लगाई गई। केंद्र से प्रकाशित हर्बल गुलाल पत्रिका का विमोचन किया गया। कृषकों को सब्जी बीज मिनीकिट व मारवाड़ी नस्ल के मेड़ों का वितरण किया गया। मंच संचालन डॉ. चारू शर्मा, डॉ. राम निवास, डॉ. के जी व्यास, राजवीर चौधरी, अतुल गालव, शीशपाल और सुनील शर्मा ने किया।
Published on:
20 Mar 2022 07:52 pm
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