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jaisalmer: बेटियों की शादी से पहले खुशियां राख, आग में तीन झोपड़ियां और सामान जला

दो बेटियों की शादी के लिए परिवार ने वर्षों से जुटाया सामान शनिवार को अचानक लगी आग में जलकर राख हो गया। एसबीएस की 54 आरडी के पास चक दो डीडी में कच्ची झोपड़ियों में लगी आग ने तीन झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग में घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और शादी की तैयारियों का सामान जलने से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया।
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मोहनगढ़ आगजनी की घटना में जली झोंपड़ियां

मोहनगढ़. (जैसलमेर). दो बेटियों की शादी के लिए परिवार ने धीरे-धीरे सामान जुटाया था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन शनिवार को अचानक लगी आग ने सारी तैयारियों को राख में बदल दिया। नहरी क्षेत्र में एसबीएस की 54 आरडी के पास चक दो डीडी में कच्ची झोपड़ियों में लगी आग से तीन झोपड़ियां जल गईं। इनके अंदर रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और शादी का सामान भी नहीं बच पाया। चक दो डीडी में राजूराम का मुरब्बा है। यहां हीराराम पिछले करीब पांच वर्षों से काश्तकार के रूप में परिवार सहित रहकर खेती कर रहा है। परिवार ने मुरब्बे में कच्ची झोपड़ियां बना रखी थीं। शनिवार को अचानक झोपड़ियों में आग लग गई। आग की लपटें उठती देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के चलते आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में आग ने तीनों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक झोपड़ियों में रखा अधिकांश सामान जल चुका था।

शादी के लिए जुटाया सामान भी आग में समाया

आग में दो बेटियों की शादी के लिए रखा सामान भी जल गया। परिवार ने शादी की तैयारियों के लिए कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री जुटाकर रखी थी। घरेलू सामान, अनाज, सरसों, खाने-पीने की सामग्री और कपड़े भी आग की भेंट चढ़ गए। झोपड़ियों में रखी कुछ नकदी, गहने, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान के भी जलने की जानकारी सामने आई है। आग बुझने के बाद परिवार के पास अपनी रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी नहीं बचा।

अब नुकसान के आकलन और मदद की उम्मीद

हादसे के बाद परिवार के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। एक तरफ रहने के लिए झोपड़ियां नहीं बचीं, दूसरी तरफ घरेलू सामान और बेटियों की शादी के लिए जुटाई सामग्री भी नष्ट हो गई। खेती के सहारे परिवार चला रहे हीराराम के लिए अचानक हुए इस नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं होगा। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।