6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दुर्दशा पर आंसू बहाती ऐतिहासिक छतरियां,देखें तस्वीरें…

फतेहगढ़. उपखंड मुख्यालय सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित प्राचीन छतरियां संरक्षण के अभाव में खंडहर में तब्दील हो रही है। गौरतलब है कि सदियों पुरानी विरासत कलात्मक सुंदरता के कारण यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों का मन मोह लेती है। बुजुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि कई दशक पुरानी इन छतरियों पर प्राचीन समय में चौपालें लगती थी लेकिन अब यह बीते दिनों की बात बन कर रह गई है। उन्होनें कहा कि संबंधित विभाग की ओर से रख-रखाव व मरम्मत की जाए तो हर दिन देशी व विदेशी पर्यटक यहां आने लगेंगे। स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है। उपखंड मुख्यालय सहित कोडियासर, सांगड, भीयासर, मंडाई, रामा रीवड़ी, देवीकोट, सांडा, सान्धुवा, सीतोड़ाइर्, काठोड़ी आदि गांवों में ऐतिहासिक धरोहर कलात्मक छतरियां खंडहर हालत में है।
less than 1 minute read
Google source verification
jaisalmer

दुर्दशा पर आंसू बहाती ऐतिहासिक छतरियां,देखें तस्वीरें...

फतेहगढ़. उपखंड मुख्यालय सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित प्राचीन छतरियां संरक्षण के अभाव में खंडहर में तब्दील हो रही है। गौरतलब है कि सदियों पुरानी विरासत कलात्मक सुंदरता के कारण यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों का मन मोह लेती है। बुजुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि कई दशक पुरानी इन छतरियों पर प्राचीन समय में चौपालें लगती थी लेकिन अब यह बीते दिनों की बात बन कर रह गई है। उन्होनें कहा कि संबंधित विभाग की ओर से रख-रखाव व मरम्मत की जाए तो हर दिन देशी व विदेशी पर्यटक यहां आने लगेंगे। स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है। उपखंड मुख्यालय सहित कोडियासर, सांगड, भीयासर, मंडाई, रामा रीवड़ी, देवीकोट, सांडा, सान्धुवा, सीतोड़ाइर्, काठोड़ी आदि गांवों में ऐतिहासिक धरोहर कलात्मक छतरियां खंडहर हालत में है।