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सेना के पराक्रम का सम्मान : गोडावण के चूजों का अनूठा नामकरण

पड़ोसी देश के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भारतीय सेना के पराक्रम की चारों तरफ सराहना हुई है।

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पड़ोसी देश के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भारतीय सेना के पराक्रम की चारों तरफ सराहना हुई है। जैसलमेर जिले के गोडावण ब्रीडिंग सेंटर में पल रहे नन्हें चूजों को अब ऑपरेशन सिंदूर से विख्यात हुए प्रमुख व्यक्तियों के साथ सिंदूर के नाम से पुकारा जाएगा। डीएनपी प्रशासन ने कुल पांच चूजों का नाम सिंदूर, एटम, मिश्री, व्योम और सोफिया रखा है। यह कवायद इस ऑपरेशन में भारतीय सेना के पराक्रम को सम्मान देने के लिए की गई है। डेजर्ट नेशनल पार्क के डीएफओ बृजमोहन गुप्ता ने बताया कि यह हमारी तरफ से सेना के पराक्रम का सम्मान है। जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।

सम सेंटर के चूजों का नामकरण

जैसलमेर के सम क्षेत्र में स्थित गोडावण ब्रीडिंग सेंटर में गोडावण के पांच चूजों को सिंदूर, एटम, मिश्री, व्योम और सोफिया के नाम से पुकारा जाएगा। गौरतलब है कि जिले के सम व रामदेवरा ब्रीडिंग सेंटरों में दुनिया के लुप्त प्राय: पक्षी गोडावण के संरक्षण व संवद्र्धन के लिए काम किया जा रहा है। इस साल अब तक इन सेंटरों में कुल 21 गोडावण चूजों का जन्म हो चुका है। जिसमें 1 जून को जन्मा चूजा शामिल है। मई महीने में कुल 7 चूजों का जन्म दर्ज किया गया। जिनमें से 5 चूजों का नामकरण सेना के सम्मान के लिए रखा गया है। नामकरण में एक चूजे का नाम सैन्य अभियान के नाम 'सिंदूर' पर रखा गया। एक अन्य चूजे का नाम 'एटम' रखा गया, जो सामरिक शक्ति को समर्पित है। 'मिश्री' नाम साइबर-जासूसी के खिलाफ काम कर रही खुफिया टीम के अफसर के कोडनेम पर रखा गया है। ऐसे ही व्योम नाम वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और 'सोफिया' नाम सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी से प्रेरित है।