
प्रदेश में गिव अप अभियान के तहत अब तक 31 लाख से अधिक अपात्र लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ा है। इन रिक्तियों और ई-केवाइसी नहीं करवाने वालों की जगह लगभग 60 लाख नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा गया है। उन्हें प्रतिमाह पांच किलोग्राम नि:शुल्क गेहूं, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपए में 12 सिलेंडर, आयुष्मान आरोग्य योजना में नि:शुल्क इलाज तथा दुर्घटना बीमा का लाभ मिल रहा है। अपात्रों के बाहर होने से राज्य कोष को लगभग 568 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जो अब वास्तविक जरूरतमंदों के कल्याण पर खर्च की जा रही है। जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि जैसलमेर जिले में 29,935 सक्षम लाभार्थियों ने खाद्य सुरक्षा योजना छोड़ी है। साथ ही 26 जनवरी 2025 से अब तक 33,506 नए पात्र एनएफएसए से जुड़े हैं। यह बदलाव जिले में भी अभियान की व्यापक सफलता को दर्शाता है।
मंत्री गोदारा ने स्पष्ट किया कि 31 अक्टूबर तक स्वेच्छा से गिव अप नहीं करने वाले अपात्रों से एक नवंबर से प्रति किलोग्राम 30 रुपये 57 पैसे की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी। प्रवर्तन एजेंसियों को पात्रता का सत्यापन डोर-टू-डोर करने और अपात्रों की सूची सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के अंतर्गत नाम हटाने के साथ नाम जोडऩे की प्रक्रिया भी बेहद सरल बनाई गई है। अब पात्र व्यक्ति ई-मित्र या विभागीय पोर्टल पर घर बैठे आवेदन कर सकता है। आवेदन की जांच के लिए शहरी और ग्रामीण स्तर पर जांच दल गठित किए गए हैं।
जिलों और तहसीलों में सतर्कता समितियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की मॉनिटरिंग मंत्री स्तर तक हो रही है। जिला स्तर पर जागरूकता और प्रचार-प्रसार के लिए जनप्रतिनिधियों और सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए इसकी अवधि अब 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
Updated on:
4 Sep 2025, 8:24 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 8:23 PM IST
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