
जैसलमेर. दोपहर में पसरा सन्नाटा।
जैसलमेर. सीमांत जैसलमेर में इन दिनों गर्मी ने एक बार फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को सूर्यदेव के तीखे तेवरों के बीच अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में तेज धूप के कारण शहरवासियों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर गर्मी का असर साफ नजर आया। मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो इससे पहले गत 31 जुलाई को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। ऐसे में शनिवार को अधिकतम तापमान का एक बार फिर 40 डिग्री के पार पहुंचना गर्मी के लौटते तेवर का संकेत माना जा रहा है।
शनिवार सुबह से ही धूप तेज रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, गर्मी का असर भी बढ़ता गया। दोपहर में खुले स्थानों पर धूप काफी तल्ख महसूस हुई। गर्मी से बचने के लिए लोग सिर ढककर और जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए। बाजारों में भी दोपहर के समय अपेक्षाकृत कम आवाजाही रही।
न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहने से रात में भी राहत पूरी तरह नहीं मिल सकी। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को दिन के साथ रात में भी गर्मी महसूस हो रही है। लगातार बढ़ते तापमान के चलते आने वाले दिनों में भी गर्मी के तेवर पर लोगों की नजर बनी हुई है।
रामगढ़ . क्षेत्र में बीते 24 घंटे के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर किंग कोबरा दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम के हरिसिंह राघवा ने दोनों सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार राघवा गांव में देर रात करीब ढाई बजे एक घर में किंग कोबरा घुस गया। सांप को घर में देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल रेस्क्यू टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे हरिसिंह ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, दूसरा किंग कोबरा रामगढ़ जैसलमेर सड़क मार्ग पर स्थित सूरज रेस्टोरेंट के पास मलबे में छिपा हुआ मिला। सूचना पर हरिसिंह ने काफी सावधानी के साथ मलबे के बीच से कोबरा को बाहर निकाला। दोनों किंग कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक अवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। हरिसिंह राघवा ने लोगों से अपील की कि घर या आसपास कोई सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय तत्काल विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को सूचना दें। वन्यजीव भी हमारे पर्यावरण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं।
Updated on:
12 Sept 2026 08:39 pm
Published on:
12 Sept 2026 08:39 pm
