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नगरपरिषद की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली आमजन पर भारी,अब होगा लम्बा इंतजार

समय पर नहीं दिए स्टेट ग्रांट के पट्टे, अब होगा लम्बा इंतजार-मुख्यमंत्री के फोटो लगे होने से अब चुनाव के बाद और लगेगा समय
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jaisalmer

नगरपरिषद की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली आमजन पर भारी,अब होगा लम्बा इंतजार

जैसलमेर. जैसलमेर नगरपरिषद की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली आम शहरियों के लिए जब-तब परेशानी का सबब बनती रही है। इस सिलसिले में नया अध्याय स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत रियासतकालीन मकानों को दिए जाने वाले पट्टों का जुड़ गया है। नगरपरिषद ने लम्बे समय तक इन पट्टों का वितरण नहीं किया और अब विधानसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने के बाद यह काम करवाया ही नहीं जा सकता। ऐसे में सैकड़ों की तादाद में आवेदकों को मायूसी का शिकार होना पड़ रहा है और उन्हें पट्टे के अभाव में मकान के मालिकाना हक से अभी कई महीनों तक वंचित रहना पड़ेगा। स्टेट ग्रांट के पट्टे पर मुख्यमंत्री का फोटो प्रकाशित होने के कारण उनका इंतजार और लम्बा भी हो सकता है।
फोटो बन सकता है परेशानी का सबब
स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टों पर मुख्यमंत्री का फोटो छपा हुआ है। ऐसे में उनका वितरण आचार संहिता के वर्तमान काल में तो किया ही नहीं जा सकता, इसके अलावा अगर राज्य में सत्ता परिवर्तन हो गया तब भी तैयार किए गए पट्टे बेकार हो जाएंगे। जानकारों के अनुसार फिर जो सरकार बनेगी, वह नए सिरे से इन पट्टों का मुद्रण करवाएगी तब ही वे संबंधित लोगों को मिल सकेंगे। अगर इन पट्टों पर केवल ‘राजस्थान सरकार’ ही लिखा होता और मुख्यमंत्री का फोटो नहीं होता तो कम से कम चुनाव संपन्न होने के बाद उनका वितरण करवाया जा सकता था।
सवाल: आखिर क्या करते रहे जिम्मेदार
-जैसलमेर नगरपरिषद कार्यालय में वर्तमान में स्टेट ग्रांट पट्टों के करीब एक सौ आवेदनों में सारी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं।
-ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को इन पट्टों का वितरण ही किया जाना बाकी है।
-समय पर नगरपरिषद ने यह कार्य नहीं किया जिसके कारण अब आचार संहिता के कारण विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद ही लोगों को पट्टे जारी किए जा सकेंगे।

विकास कार्य भी लटके
जैसलमेर शहर में करोड़ों रुपए की लागत वाले विकास कार्यभी आचार संहिता के चलते लेट लतीफी के शिकार होंगे और इसके लिए भी कोई और नहीं बल्कि नगरपरिषद ही जिम्मेदार है। गौरतलब है कि जुलाई और अगस्त माह में शहर के लगभग सभी वार्डों में 85 विभिन्न विकास कार्यों के लिए निविदाएं मांगी गई थी। इतने समय तक जाने किस कारण से टेंडर खोले नहीं गए और अब यह कार्य करवाया नहीं जा सकेगा। जानकारी के अनुसार ये कार्य करीब 20 करोड़ रुपए की लागत वाले हैं।

फैक्ट फाइल

-100 स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे तैयार
-85 विकास कार्यों में आई अड़चन
-35 वार्ड हैं जैसलमेर नगरपरिषद में
-80 हजार है जैसलमेर की जनसंख्या

चुनाव के बाद ही होंगे कार्य
आचार संहिता की अवधि में पट्टा वितरण, भवन निर्माण स्वीकृति और विकास कार्यों के नए कार्यादेश जारी नहीं किए जा सकते। अब चुनाव के बाद ही ये कार्य हो सकेंगे। आवश्यकता पडऩे पर नए पट्टों का मुद्रण भी करवाया जा सकता है।
-पवन कुमार, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर