
Photo- Patrika Network
जयपुर। जैसलमेर के धोरों में युवतियों से ज्यादा ट्रांसजेंडरों का दखल बढ़ने लगा है। जैसलमेर के पारंपरिक नृत्य में ट्रांसजेंडर युवती बनकर डांस कर रहे हैं। राजस्थान के सैकड़ों लोग हर साल जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में सरकारी योजना के तहत लिंग परिवर्तन कराकर (लड़की बनकर) नाइट क्लबों, धोरों और मुंबई के बार में अश्लील डांस कर कमाई कर रहे हैं। चूंकि ये दिल दिमाग से पुरुष होते हैं, इसलिए ये डांस के दौरान हदें पार कर जाते हैं।
गलतफहमी में लोग युवती समझ इन पर खूब नोट बरसाते हैं। इन दिनों देशभर के लोग जैसलमेर पहुंच रहे हैं। पहले यहां सांस्कृतिक नृत्य की झलक दिखाई देती थी। लेकिन अब यहां यूरोपियन संस्कृति हावी होती दिख रही है। ट्रांसजेंडर लड़कियां बनकर सांस्कृतिक नृत्य के नाम पर अश्लील डांस और इशारे करते हैं।
नशे में धुत कुछ दर्शक इसे प्रस्ताव समझ गलत हरकत कर बैठते हैं। इसका सीधा असर धोरों की पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत पर पड़ रहा है। खास बात यह है कि जेंडर चेंज करवाने वाले ये युवक अब इतने निपुण और आकर्षक अंदाज में डांस करते हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल है कि वे ट्रांसजेंडर हैं या युवती।
गुणसार लोक संगीत संस्थान के डायरेक्टर बक्श खान ने बताया कि हमारी कालबेलिया और मरु संस्कृति में ऐसा कुछ नहीं है। यह परंपरा नहीं, फूहड़ता है। मेरी जानकारी में एक दर्जन से ज्यादा ट्रांसजेंडर ऐसे शो कर रहे हैं। हालांकि सभी को गलत नहीं कहा जा सकता। कुछ कलाकार अपनी मेहनत और हुनर के दम पर सम्मानजनक तरीके से काम भी कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग इस कला को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।
जेंडर परिवर्तन सर्जरी सस्ती नहीं होती है। डॉक्टर नकुल सोमानी के अनुसार पूरे प्रोसेस में करीब पांच लाख रुपए तक का खर्च आता है। हालांकि सरकार की स्कीम के तहत मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के अनुसार ब्रेस्ट सर्जरी पर 1.20 लाख रुपए तक की सहायता, लिंग परिवर्तन सर्जरी में 1.30 लाख रुपए की मदद मिलती है।
न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए जैसलमेर में भारी संख्या में टूरिस्ट आते हैं। इस दौरान धोरों में भारी भीड़ होती है। इस बार भी भारी संख्या में टूरिस्ट जैसलमेर पहुंचेंगे। सोशल मीडिया पर जैसलमेर को लेकर जिस तरह से परोसा जा रहा है। ऐसे में टूरिस्टों की संख्या ज्यादा दिखाई देगी।
परंपरा की आड़ में इन रिसॉट्र्स में अश्लीलता परोसे जाने के आरोप लग रहे हैं। कई वीडियो में देखा गया कि कलाकार लड़कियों जैसे परिधान में स्टेज पर नाचते हुए विदेशी और भारतीय टूरिस्टों को हाथों से शराब पिला रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब जैसलमेर की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपरा का मजाक उड़ाने जैसा है, जो उचित नहीं है।
कुछ शिकायतें आई थी, जिनके आधार पर संबंधित रिसॉर्ट प्रबंधन और संबंधित लोगों को हिदायत दी गई है। अगर कोई भी स्थानीय संस्कृति को धूमिल करेगा तो उसके खिलाफ सख्ती होगी। रिसॉर्ट में अगर बिना लाइसेंस शराब परोसी जा रही है तो पुलिस और आबकारी विभाग कार्रवाई करेंगे।
Updated on:
17 Dec 2025 01:50 pm
Published on:
17 Dec 2025 01:50 pm
