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‘संस्था नहीं,उपासना पद्धति है क्षत्रिय युवक संघ’

-देगराय माता के मंदिर में शिविर का हो रहा आयोजन
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‘संस्था नहीं,उपासना पद्धति है क्षत्रिय युवक संघ’

जैसलमेर/रासला/डाबला. क्षेत्र की ग्राम पंचायत रासला स्थित देगराय माता के मंदिर में चल रहे क्षत्रिय युवक संघ के सात दिवसीय आवासीय माध्यमिक प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन उपस्थित व्यक्ताओं ने बौद्धिक चर्चाएं कर आपस में एक-दूसरे से विचारों का आदान-प्रदान किया। देगराय माता के मंदिर स्थित प्राचीन तालाब पर शिविर संचालक देवीसिंह माडपुरा ने बौद्धिक सत्र में शिविरार्थियों से चर्चा करते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य है कि समाज को संगठित होकर सामूहिक संस्कारमयी कार्यप्रणाली से क्षत्रिय युवक संघ के मार्ग पर चलने का प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को एक ध्येय से पवित्र बंधन में बांधकर एक समान साधना कर क्षत्रियोचित गुणों का अभ्यास करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय युवक संघ एक संस्था नहीं है, बल्कि उपासना पद्धति है। इस अवसर पर शिविर मे भाग लेने आए युवको को क्षत्रिय धर्म के बारे मे समझाते हुए बताया गया कि वास्तव में क्षात्र धर्म का पालन नास्तिकों से हो ही नहीं सकता। भगवान में अटूट श्रद्धा और उसमें विश्वास रखने वाला भक्त ही उच्च कोटि का योद्धा अथवा क्षत्रिय हो सकता है। क्षात्र धर्म की पूर्ण उपलब्धि के लिए उच्च कोटि का भक्त होना आवश्यक है, तभी जीवन की लालसा छोडकऱ समराग्नि में स्वेच्छा से कूद पडऩा क्षत्रिय के लिए संभव होता है। क्षात्र - भक्ति कर्ममयी और ज्ञान प्रधान होने के कारण कर्तव्य के बोध और क्रियाशीलता सहित तथा अंधविश्वास, आडम्बरों और रुढिय़ों से रहित होती है। क्षत्रिय युवक संघ की साधना में कर्म, ज्ञान और भक्ति तीनों का अनूठा समन्वय है। शिविरार्थियों ने माता देगराय के मंदिर में दर्शन किए। मंदिर परिसर शिविर के व्यवस्थापक अध्यापक अभयसिंह भोपा ने मंदिर की ऐतिहासिक जानकारी दी। रतनसिंह बडोड़ा गांव ने आराम कहां जब जीवन में ...सहगीत पर चर्चा करते हुए सभी शिविरार्थियों को खुले मंच से बोलने का मौका दिया। जूनी जाल मंदिर के पुजारी गजेसिंह भोपा की उपस्थिति में जूनी जाल प्रांगण में हवन का आयोजन किया गया। नरपतसिंह राजगढ़ ने वैदिक मंत्रोचारण के साथ हवन में आहुतियां दिलवाई। पदमसिंह रामगढ़ के निर्देशन में विभिन्न संघर्ष वाले, दौड़ वाले और बुद्धि प्रधान खेलों का आयोजन हुआ। ििश्वर के दौरान कई शिविरार्थियों ने विचार व्यक्त किए।