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चुनाव से पहले जैसलमेर में फिर सक्रिय हुए शराब तस्कर,पुलिस से बचने के लिए खोजे अजब तरीके

सक्रिय हुए शराब तस्कर -नहरी क्षेत्र में दूर-दर तक पुलिस महकमे की निगरानी ही नहीं -पुलिस से बचने के लिए शराब तस्करों ने खोजे कई तरीकें
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चुनाव से पहले जैसलमेर में फिर सक्रिय हुए शराब तस्कर,पुलिस से बचने के लिए खोजे अजब तरीके

जैसलमेर. लोकसभा चुनाव से पहले पाक सीमा से सटे सरहदी जैसलमेर जिले में एक बार फिर अवैध शराब का कारोबार जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। चुनाव से पूर्व पुलिस तंत्र के अलर्ट मोड पर होने से गत दिनों करीब एक दर्जन कार्रवाई कर अवैध शराब पर नकेल कसने की कवायद की गई है, बावजूद इसके हकीकत यह है कि चुनाव से पूर्व सरहदी जैसलमेर जिला एक बार फिर शराब तस्करों के निशाने पर है। चुनाव ेसे पूर्व यहां बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी होने की आशंका बनी हुई है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अवैध रूप से लाई जाने वाली बड़ी तादाद में शराब का उपयोग चुनाव के दौरान किया जाता है। वैसे, संसाधनों के अभाव से जूझ रहे पुलिस तंत्र को कई बार चकमा देने में शराब तस्कर कामयाब हो जाते हैं। तस्कर पंजाब-हरियाणा से टर्बो में भरकर अवैध शराब गंगानगर, बीकानेर, फलौदी, पोकरण, सांकड़ा, फलसूण्ड के रास्ते से बाड़मेर जिले से सांचौर होते हुए गुजरात सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। इस मार्ग पर सडक़ें अच्छी होने से इनके वाहन फर्राटे से दौड़ते हंै और रास्ते में थानों की आपस की दूरियां अधिक होने का भी इन्हें लाभ मिल जाता है।

पुलिस से बचने के अजब तरीके
-पकड़े जाने की आशंका को कम करने के लिए शराब तस्कर टर्बों में नीचे शराब की पेटियां भरते हंै और ऊपर मिनरल वाटर की बोतलों के कर्टन रख देते हैं,
-मरु प्रदेश में मिनरल वाटर की बढ़ती मांग का फायदा शराब तस्कर कई बार उठाते हैं और पुलिस व आबकारी की टीमों को चकमा दे देते हैं।
-गुजरात से पहले अवैध शराब को पश्चिमी राजस्थान की सरहद में प्रवेश करवा दिया जाता है।
-वे शराब की पेटियों को कारों में भरकर गुजरात में प्रवेश कर जाते हैं।
-कई बार अवैध शराब की पेटियां या कर्टन पकडऩे में नुकसान नहीं होता और अमूमन शराब तस्कर भागने में सफल भी हो जाते हैं।
साथ चलने वाली कारें बताती है खतरा
शराब का परिवहन करने वाले ट्रकों के आगे एसकोर्टिंग वाहन के रूप में लग्जरी कारें आगे चलती हैं और पुलिस की लोकेशन की सूचना देती है।

यह है हकीकत
-नहरी क्षेत्र में दूर-दूर तक पुलिस की निगरानी नहीं है।
-बीकानेर के बज्जू थाना से जैसलमेर के नाचना थाने तक लगभग 125 किमी की दूरी तक पुलिस चौकी तक नहीं हैं।
-पंजाब, हरियाणा सहित राजस्थान के सूरतगढ़ व आसपास के क्षेत्र से बाड़मेर के रास्ते गुजरात तक शराब तस्करी के लिए यह क्षेत्र तस्करों के लिए सबसे आसान रास्ता बना हुआ हैं।

ऐसा भी होता है...
रात्रिकालीन पुलिस गश्त या नाकेबंदी में शराब की खेप पकड़ी तो जाती है, लेकिन अधिकतर पुलिस की दूरी व संसाधनों की कमी का फायदा उठाने में कामयाब हो जाते हैं।

हाल ही में पकड़ी गई अवैध शराब के चर्चिल मामले--

26 मार्च - जैसलमेर के पुलिस लाइन कच्ची बस्ती में एक मकान में छिपाई १८ पेटी बीयर व 13 कर्टन सादा देशी मदिरा बरामद, आरोपी गिरफ्तार

29 मार्च - मोहनगढ़ क्षेत्र में २४८ कर्टन अवैध देशी मदिरा से भरा वाहन जब्त।

30 मार्च - नोख पुलिस ने खारा सरहद में दुकान के पास कट्टे में भरी अवैध शराब की बरामद।

31 मार्च - रामदेवरा पुलिस ने कार्रवाई कर दुकान में रखे २८ कर्टन अवैध शराब की बरामद।
31 मार्च - फलसूण्ड पुलिस की कार्रवाई में ५ कर्टन अवैध शराब बरामद, एक गिरफ्तार

3 अप्रेल - सांकड़ पुलिस ने रहवासी ढाणी में दबिश देकर ११५ अवैध शराब बरामद कर आरोपी को किया गिरफ्तार।