
नगरपरिषद की आम बैठक में उलझ पड़े पार्षद, इस टैक्स के प्रस्ताव का विरोध
जैसलमेर. जैसलमेर शहर स्थित कच्ची बस्तियों में भूमि से वंचित हजारों सर्वेधारियों और पट्टाधारकों से भविष्य में नजूल दर के हिसाब से राशि जमा करवाकर 20 गुणा 45 वर्ग फीट के भूखंड आवंटित किए जाएंगे। बुधवार को नगरपरिषद की आम बैठक में इस संबंध में रखे गए प्रस्ताव को सदस्यों ने ध्वनि मत से सहमति देकर पारित कर दिया। जमीन उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनका सर्वे 1998 अथवा 2004 में हो चुका है। गौरतलब है कि जैसलमेर में बड़ी तादाद में कब्जाधारी कच्ची बस्तियों में भूखंड के नियमन को तरस रहे हैं। सभापति कविता खत्री की अध्यक्ष् ाता में आयोजित आम बैठक में अतिथि के तौर पर जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी मौजूद थी। आयुक्त झब्बरसिंह चौहान व नेता प्रतिपक्ष आनंद व्यास सहित लगभग सभी निर्वाचित और मनोनीत पार्षदों ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में कई बार सत्ताधारी भाजपा के निर्वाचित पार्षद आपस में उलझते नजर आए, जिन्हें विधायक और सभापति षांत करवाते रहे।
पहले ही पर्यटक कम, टैक्स नहीं
बैठक में पर्यटकों के जैसलमेर आगमन पर उनसे एंट्री टैक्स वसूले जाने के प्रस्ताव को पार्षदों के विरोध का सामना करना पड़ा। सदस्य इंद्रसिंह उज्ज्वल ने कहा कि जैसलमेर में पहले ही पर्यटकों की आवक कम हो रही है, ऐसे में इस तरह का टैक्स लगाए जाने से वे और हतोत्साहित होंगे। अन्य कुछ सदस्यों ने भी उनकी बात पर सहमति जताई और कहा कि इससे अनावष्यक रूप से परेषानियां पेष आएंगी। शहर में पार्किंग के नाम पर की जा रही मनमानी का मसला भी कुछ सदस्यों ने उठाया। बैठक की शुरुआत में नई प्रस्तावित सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार तेज करने का निर्णय लिया गया।
श्वानों की समस्या से दिलाएंगे निजात
जैसलमेर में विकट हो चुकी आवारा श्वानों की समस्या से लोगों को छुटकारा दिलाने के लिए शहर के नजदीकी क्षेत्र में भूखंड आरक्षित कर श्वानों को पकडक़र वहां रखवाए जाने का प्रस्ताव भी ध्वनिमत से पारित हुआ। विधायक छोटूसिंह भाटी ने सुझाव दिया कि शहर के आसपास के क्षेत्रों से भी श्वानों को पकडक़र वहां रखवाया जाए। इस मौके पर ट्रांसपोर्ट चौराहा पर भाजपा को आवंटित सुदा भूखंड पर ब्याज-शास्ति माफ करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। बताया गया कि भाजपा की ओर से इस भूखंड के लिए 67.17 लाख रुपए का भुगतान आठ माह पूर्व किया जा चुका है।
आपस में भिड़ गए पार्षद
बैठक में कई बार सत्ताधारी भाजपा के पार्षद ही आपस में उलझते नजर आए। उप सभापति रमेश जीनगर में 2013-14 में करवाए गए 4 लाख के कार्य के बदले में संवेदक को 16 लाख रुपए का भुगतान कथित रूप से किए जाने का मसला उठाया। इस मसले पर दलपत मेघवाल भी बोर्ड को घेरने लगे। तब मगन सैन ने बोर्ड के पक्ष में बोलना शुरू किया। विधायक ने उन्हें टोका कि, सदस्यों के सवालों का जवाब देने के लिए सभापति मौजूद हैं। एक बार नेता प्रतिपक्ष आनंद व्यास भी परिषद प्रशासन पर तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाते हुए बैठक छोडक़र जाने लगे। बाद में उन्हें समझाकर बैठाया गया। दुर्ग और उसकी 100 मीटर की परिधि में नए बिजली और पानी के कनेक्शन जारी करने में संबंधित विभागों की ओर से अड़ंगा लगाए जाने का मसला पार्षद अरविंद व्यास ने उठाया। विधायक तथा सभापति ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगरपरिषद की ओर से एनओसी जारी करने के पक्ष में प्रतिबद्धता जताई।
Published on:
02 Aug 2018 12:17 pm
