
जैसलमेर. ईद की खरीदारी करते लोग। फोटो पत्रिका
Eid Festival : पूरे राजस्थान में ईद पर्व 21 मार्च को मनाया जाएगा। ईद-उल-फितर के अवसर पर सीमांत जिले जैसलमेर में बाजारों की रौनक चरम पर रही। पर्व से पूर्व 15 से 20 दिनों के दौरान जैसलमेर शहर के प्रमुख बाजारों में करीब 28 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ, जिससे व्यापारी वर्ग में उत्साह का माहौल नजर आया।
गुरुवार को जैसलमेर शहर के पंसारी बाजार, सदर बाजार, गुलासतला, मदरसा रोड, गड़ीसर प्रोल और आसनी पथ सहित विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे बाजारों में चहल-पहल बनी रही। कपड़े, जूते-चप्पल, खानपान सामग्री और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की विशेष भीड़ देखी गई।
महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों से संबंधित सामग्री और आभूषणों की खरीदारी में रुचि दिखाई। टेलरिंग कार्य से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी ग्राहकों का दबाव बना रहा। पारंपरिक परिधानों की मांग इस बार भी बनी रही, विशेषकर सिंधी अल्पसंख्यक समाज में पारंपरिक पहनावे को प्राथमिकता दी गई। इससे वस्त्र व्यापार से जुड़े कारोबारियों को अच्छा लाभ मिला।
ईद-उल-फितर, जो रमजान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है, को लेकर जिले भर में उल्लास और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। पर्व के दिन लोग नए वस्त्र धारण कर ईदगाहों में सामूहिक नमाज अदा करेंगे और एक-दूसरे को बधाई देंगे।
मोहनगढ़ क्षेत्र में ईद पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह देखने को मिल रहा है। कस्बे के मुख्य बाजार में इन दिनों चहल-पहल बनी हुई है। ईद की तैयारियों को लेकर लोग खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार पूरी तरह गुलजार नजर आ रहा है। गुरुवार को भी मोहनगढ़ के बाजार में बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचे। दूर-दराज के गांवों और आसपास के क्षेत्रों से मुस्लिम समुदाय के लोग खरीदारी के लिए कस्बे में पहुंच रहे हैं।
बाजार में महिलाओं, पुरुषों, युवकों और युवतियों की भीड़ दिनभर बनी रही। मणिहारी, फैंसी स्टोर, रेडीमेड कपड़ों की दुकानें, शूज स्टोर, मोबाइल दुकानें, किराना और सिलाई की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई।
राजस्थान में ईद-उल-फितर 2026 शनिवार, 21 मार्च को मनाई जाएगी। चांद नहीं दिखने की वजह से 30 रोजे पूरे किए जा रहे हैं। जयपुर सहित राज्यभर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। शिया समुदाय ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन के शोक में सादगी से, काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करेगा और जश्न नहीं मनाएगा।
Updated on:
20 Mar 2026 07:45 pm
Published on:
20 Mar 2026 07:45 pm
