
सोनार दुर्ग के दशहरा चौक में लगा जमघट
जैसलमेर. ऐतिहासिक सोनार किले में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए रोक निर्धारित है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आ रही है। रोक के समय में भी वाहनों के किले तक पहुंचने से नियमों की पालना और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले व्यवस्था की यह स्थिति आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। सोनार किले से दशहरा चौक तक जाने वाली घटियां घुमावदार हैं। इन रास्तों पर एक साथ कई टैक्सियों की आवाजाही होने से यातायात दबाव बढ़ जाता है। घुमावदार मोड़ पर सामने से आने वाला वाहन अचानक दिखाई देने के कारण चालकों को तुरंत ब्रेक लगाने या वाहन नियंत्रित करने की स्थिति बनती है। ऐसे में पैदल चलने वाले पर्यटकों के बीच दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। किले में सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक वाहनों के प्रवेश पर रोक का उद्देश्य पर्यटकों की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना है। इस अवधि में दुर्गवासी और बड़ी संख्या में पर्यटक किले की गलियों और आसपास के रास्तों पर पैदल घूमते हैं।
इसके बावजूद रोक के समय वाहनों की आवाजाही दिखाई देने से व्यवस्था के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। यदि किसी वाहन को विशेष अनुमति के तहत प्रवेश दिया जाता है तो उसके लिए स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। सामान्य वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से निर्धारित रोक का उद्देश्य कमजोर पड़ता है।
किले की ओर जाने वाले घुमावदार रास्तों पर एक साथ कई टैक्सियां आने से स्थिति और जोखिमपूर्ण हो जाती है। मोड़ों पर वाहनों की गति, आमने-सामने आने वाले वाहन और पैदल पर्यटकों की मौजूदगी के बीच थोड़ी सी असावधानी भी हादसे का कारण बन सकती है। सबसे गंभीर बात यह है कि ऐसे स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी निगरानी नजर नहीं आती। जिम्मेदारों की मौजूदगी और नियमित निगरानी नहीं होने से वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार आवाजाही करते हैं। पर्यटन सीजन में पर्यटकों और टैक्सियों की संख्या बढ़ने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
पर्यटन सीजन शुरू होते ही जैसलमेर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगती है। सोनार किला पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है, इसलिए यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ टैक्सियों और अन्य वाहनों की आवाजाही भी बढ़ेगी।
यदि अभी से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में किले के रास्तों पर यातायात दबाव बढ़ सकता है। घुमावदार मार्गों पर जाम के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ने की आशंका है। इसलिए पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले यातायात व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।
किले में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ वाहनों की आवाजाही भी बढ़ जाती है। सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक निर्धारित रोक का सख्ती से पालन होना चाहिए। इससे पर्यटकों को पैदल आवागमन में सुविधा मिलेगी और यातायात दबाव भी कम रहेगा।
-राजेश कुमार , पर्यटन व्यवसायी
किले की ओर जाने वाले कई रास्ते संकरे और घुमावदार हैं। एक साथ कई टैक्सियां आने पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। ऐसी स्थिति में दुर्घटना का खतरा रहता है। जिम्मेदारों को इन रास्तों पर नियमित निगरानी करनी चाहिए।
-सुरेश सारस्वत, स्थानीय निवासी
सोनार किले में पर्यटक ज्यादातर पैदल घूमते हैं। संकरी गलियों और घुमावदार रास्तों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने से पैदल पर्यटकों को असुविधा होती है। पर्यटन सीजन में वाहनों की संख्या बढ़ने से पहले व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
मोहनसिंह भाटी, स्थानीय निवासी
Updated on:
20 Aug 2026 09:20 pm
Published on:
20 Aug 2026 09:20 pm
