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श्रीनिवासुलु ने मतदान केन्द्रों का किया पर्यवेक्षण

पोकरण विधानसभा के सामान्य चुनाव पर्यवेक्षक के. श्रीनिवासुलु ने शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र पोकरण के ग्राम पंचायत नाचना के मतदान केन्द्र संख्या 21, 22, 23, 24, 25 का निरीक्षण किया एवं वहां की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने मतदान केन्द्रों के भवन के साथ ही वहां उपलब्ध छाया, पानी, विद्युत, रैम्प इत्यादि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
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श्रीनिवासुलु ने मतदान केन्द्रों का किया पर्यवेक्षण

जैसलमेर. पोकरण विधानसभा के सामान्य चुनाव पर्यवेक्षक के. श्रीनिवासुलु ने शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र पोकरण के ग्राम पंचायत नाचना के मतदान केन्द्र संख्या 21, 22, 23, 24, 25 का निरीक्षण किया एवं वहां की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने मतदान केन्द्रों के भवन के साथ ही वहां उपलब्ध छाया, पानी, विद्युत, रैम्प इत्यादि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। यहां पर मतदान केन्द्र 21 में मतदाताओं के प्रवेश के लिए तो रैम्प बना हुआ था, लेकिन जो बहुत ही संकड़ा था। उन्होंने सेक्टर अधिकारी हिम्मतसिंह कविया को मतदान केन्द्र पर मतदाताओं के बाहर जाने वाले आउट रिच रैम्प का निर्माण शीघ्र ही करवाने को कहा। इस संबंध में उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे शीघ्र ही इस रैम्प का निर्माण करवाएंगे। चुनाव पर्यवेक्षक ने ग्राम पंचायत पांचे का तला के मतदान केन्द्र संख्या 13, खारिया के मतदान केन्द्र संख्या 12 व शेखोवाला के मतदान केन्द्र संख्या 14 का आकस्मिक निरीक्षण किया एवं मतदान केन्द्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इन मतदान केन्द्रों पर बिजली की व्यवस्था नहीं पाई गई, जिनके संबंध में सेक्टर अधिकारी प्रभुलाल गुर्जर से जानकारी चाही तो उन्होंने ने भी अनभिज्ञता जारी की तो चुनाव पर्यवेक्षक ने इसकों गंभीरता से लिया एवं निर्देश दिए कि इन तीनों मतदान केन्द्रों पर शीघ्र ही बिजली की व्यवस्था कराएं। उन्होंने सांकडिय़ा के मतदान केन्द्र संख्या 20 का भी अवलोकन किया, जहां पर पानी, बिजली, छाया के साथ ही रैम्प की उचित व्यवस्था पाई गई।

सभी को समानता का अवसर दिए जाने की जरुरत’
जैसलमेर. शहर के केन्द्रीय विद्यालय वायु सेना के संसाधन कक्ष में प्राचार्या समरीन कादरी के नेतृत्व में ‘लैगिंक संवेदनशीलता’ पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने विद्यालय स्तर पर ‘लैगिंक संवेदनशीलता’ के प्रति सजगता एवं सावधानियों पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि कोई भेदभाव नहीं हो, सभी को समान अवसार प्रदान किया जाएं तथा विद्यार्थियों के लिए किसी भी क्षेत्र में लैगिंक आधार पर मतभेद नहीं किया जाएं और बच्चों में भी इसी प्रकार की विचारधारा को सीखाया जाएं। उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय संगठन की शिक्षा संहिता की धाराओं पर भी प्रकाश डाला।