
Bheem Singh
जालोर. साढ़े पांच करोड़ रुपए लूटकर मारवाड़ आए भीमसिंह को पकडऩे के लिए पहुंची आन्ध्र प्रदेश पुलिस ने यहां तीन बार दबिश दी। एनकाउंटर करने के बाद आन्ध्र पुलिस ने जालोर पुलिस से मदद मांगी और नाकाबंदी करवाई। एनकाउंटर करने से पहले जालोर पुलिस को इस कार्रवाई की खबर नहीं थी। इससे पहले दी गईदबिश में जालोर पुलिस को खबर भी थी और पुलिस साथ भी गई।
लूट के मामले में एनकाउंटर में मारे गए भीमसिंह की मौत ने आन्ध्र प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं तो जालोर पुलिस पर भी लोगों की नजरें उठी है। आला अफसरान का कहना हैकि पुलिस को जानकारी थी और जालोर के अफसर इनकार कर रहे हैं। हालांकि जालोर के पुलिस अधीक्षक का कहना है कि आन्ध्र प्रदेश पुलिस के जालोर में होने की जानकारी थी। परन्तु इस कार्रवाई की खबर भीमसिंह की मौत के बाद लगी। आन्ध्र पुलिस के मुताबिक यह सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि उसकी तत्काल कार्रवाई जरूरी थी। इन सबके बीच लूटी गईपौने पांच करोड़ की रकम पर कोई भी कुछ नहीं बोल रहा है।
यह कहता है कानून
अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 165 और 166 में थाने की सीमाओं से बाहर तलाशी के संबंध में प्रावधान है। इसके अनुसार स्थानीय पुलिस के यहां आमद करानी और उसके अफसरों का साथ होना जरूरी है।परन्तु 166 की उपधारा तीन में प्रावधान हैकि यदि हालात ऐसे हों कि जांच अधिकारी को लगे कि स्थानीय पुलिस की मदद में विलम्ब होगा तो वह खुद कार्रवाईकर सकता है और उसके तत्काल बाद उसे स्थानीय मजिस्ट्रेट को तत्काल खबर करनी होगी।
जांच में जुटी पुलिस
सांचौर. भीमङ्क्षसह एनकाउंटर प्रकरण में पुलिस ने सोमवार को घटना स्थल का दौरा किया। पुलिस अधिकारी आन्ध्रा पुलिस के इस एनकाउंटर लेकर कोई भी बयान देने को तैयार नहीं है। पुलिस गोपनीय तरीके से मीडिया से दूर बनाकर कार्य कर रही है।
इनका कहना है...
यह सही है कि एनकाउंटर के बाद जालोर पुलिस को नाकाबंदी के लिए कहा गया। पुलिस तत्काल अलर्ट हुईऔर एहतियात बरतने के चलते कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। अपराधी को पकडऩे के लिए आन्ध्र पुलिस ने जालोर पुलिस को पहले सूचना दी थी, लेकिन इस कार्रवाई की पूर्वसूचना नहीं थी।
विकास शर्मा, पुलिस अधीक्षक, जालोर
Updated on:
31 Oct 2017, 10:45 AM IST
Published on:
31 Oct 2017, 10:43 AM IST
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