किसान बोले: जलस्तर पैंदे बैठ गया, हालत बेहद खराब है

केंद्रीय टीम ने देखे अकाल के हालात, किसानों ने सुनाई व्यथा कहां, खरीफ की फसल बर्बाद हो गई अब रबी में भी आस नहीं बची

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 18 Dec 2018, 01:05 PM IST

जालोर/नारणावास. केन्द्रीय दल ने सोमवार सुबह नया नारणावास ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बैठक ली। साथ ही खेतों का जायजा लिया। किसानों व पशुपालकों से बिन्दूवार चर्चा कर समस्याएं सुनी। किसानों ने बताया कि इस समय इन गांवों के हालात बहुत ही खराब है। इस वर्ष बोई गई खरीफ की फसल बाजरा, मूंग, ग्वार, तिल आदि पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इससे भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आर्थिक हालत डांवाडोल हो गई है। बारिश की कमी के कारण भूमिगत जलस्तर रसातल में चला गया। करीब चार सौ फीट तक नीचे जाने से रबी की फसल भी प्रभावित हो रही है। नया नारणावास के रूपसिंह राठौड़, धवला के फूलसिंह, आरआई मोहनसिंह, सरपंच सुखकंवर, उप सरपंच चंदनसिंह, पीइइओ केवाराम, ग्राम विकास अधिकारी लच्छाराम प्रजापत, पटवारी कैलाश सोलंकी, विक्रम सिंह धानपुर, कृषि ग्राम सेवक ओमाराम, रूपसिंह धवला, जुजाराम, प्रेम प्रकाश गर्ग, कुइयाराम देवासी, छैलसिंह, नेनाराम मेघवाल आदि मौजूद थे। उधर, चांदना में पूर्व सरपंच नैनसिंह ने किसानों की समस्या एवं अकाल होने वाले से प्रभाव दल को अवगत करवाया।
चारा डिपो व श्रमिक दिन बढ़ाने की मांग
किसानों ने चारे की किल्लत बताई तथा न्यूनतम दामों पर चारा डिपो खोलने की मांग रखी। मनरेगा में प्रति परिवार के लिए 100 दिन प्रति वर्ष है। लगभग सभी श्रमिकों के 100 दिन पूरे हो जाने से वे बेरोजगार है। उन्होंने 100 दिन से बढ़ा कर 150 दिन करने की मांग भी रखी। किसानों ने बैंकों की ओर से केसीसी पर 7 प्रतिशत के बजाय 11.50 प्रतिशत ब्याज वसूलने के स्टेटमेंट भी दिखाए।

https://www.patrika.com/jalore-news/inspection-of-highly-drought-and-famine-affected-areas-by-team-3850214/


अत्यधिक सूखा व अकाल प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
जालोर. अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल (आइएमसीटी) सोमवार को जालोर व आहोर क्षेत्र के दौरे पर रही। टीम सदस्यों ने जिले के अत्यधिक सूखा व अकाल प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। साथ ही किसानों व पशुपालकों से बातचीत की। टीम ने सुबह यहां प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद जालोर व आहोर तहसील के नारणावास, नया नारणावास, दी गांव, नागणी, भेटाला, धवला, चान्दणा, मेडा उपरला, छीपरवाड़ा, बुडतरा, चवरछा, उण, राजनवाड़ी, पाण्डगरा, भैंसवाड़ा, सांकरणा, गोदन, भागली पुरोहितान समेत अन्य गांवों का दौरा किया। दल में शामिल संयुक्त निदेशक नरेन्द्रकुमार, तकनीकी प्रबंधक प्रीति टेहलानी, वरिष्ठ सलाहकार एससी.शर्मा शामिल रहे। जालोर उपखंड अधिकारी राजेंद्रसिंह, तहसीलदार गुलाबसिंह, विकास अधिकारी कुलवंत कालमा, कृषि उप निदेशक डॉ. आरबी सिंह, कृषि अधिकारी फूलाराम मेघवाल, जलदाय विभाग एइएन जितेंद्र त्रिवेदी आदि साथ रहे।
अधिकारियों से जाने हालात
कलक्ट्री सभागार में सोमवार सुबह केंद्रीय दल ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें जिला कलक्टर बीएल.कोठारी ने केन्द्रीय दल को अकाल प्रभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले जिला कलक्टर बीएल कोठारी ने भी क्षेत्र के विभिन्न गांवों का निरीक्षण किया था। साथ ही किसानों व पशुपालकों से बातचीत के आधार पर सूखे व अकाल की स्थिति को जाना।

 

Jitesh kumar Rawal
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