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किसानों की दरियादिली: विभागीय ट्यूबवेल 6 महीने में फेल, 21 साल से सरकारी स्कूल के बच्चों की प्यास बुझा रहे किसान

जालोर के ओटलवा के नागाजी रोड पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मांगतलाई आया हुआ है। वर्तमान में इस विद्यालय में 182 विद्यार्थी अध्ययनरत है। ये सभी विद्यार्थी पीने के पानी के लिए किसानों द्वारा दिए जा रहे पानी पर निर्भर है।

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जालोर के ओटलवा के नागाजी रोड पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मांगतलाई आया हुआ है। वर्तमान में इस विद्यालय में 182 विद्यार्थी अध्ययनरत है। ये सभी विद्यार्थी पीने के पानी के लिए किसानों द्वारा दिए जा रहे पानी पर निर्भर है। सरकारी स्तर पर पानी के लिए इस विद्यालय में कोई सुविधा नहीं है। बच्चों के पानी के लिए यहां पिछले 21 साल से किसान दरियाली दिखाते हुए इनकी प्यास बुझा रहे हैं। सायला उपखंड क्षेत्र के ओटवाला के इस विद्यालय की नींव वर्ष 2002 में राजीव गांधी स्वर्ण जयंती पाठशाला के रूप में पड़ी थी।

उसके बाद वर्ष 2006-7 में क्रमोन्नत कर प्राथमिक और उसके बाद वर्ष 2013-14 में उच्च प्राथमिक विद्यालय के रूप में क्रमोन्नत किया गया। इस बीच विद्यालय में बच्चों के पानी की व्यवस्था के लिए वर्ष 2010 में एक ट्यूबवेल करवाया गया। यह ट्यूबवेल सिर्फ 6 महीने ही चल सका। दरअसल, 6 महीने बाद ही ट्यूबवेल की मोटर खराब हो गई। जिसे निकालते समय मोटर अंदर ही फंस गई। उसके बाद से यह ट्यूबवेल भी बंद है। बड़ी बात यह है कि इसे शुरू करने को लेकर सरकारी स्तर पर भी किसी ने जहमत नहीं उठाई। वर्ष 2012 में ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय परिसर में जीएलआर का निर्माण करवाया गया, लेकिन इसमें पानी की व्यवस्था के लिए करीब 600 मीटर दूर एक कृषि कुंए से कनेक्शन दिया गया। जिससे बच्चों को पीने के पानी की व्यवस्था हो सके।

ऐसे हो रही पेयजल व्यवस्था
विद्यालय परिसर में ग्राम पंचायत की ओर से निर्मित जीएलआर में 2010 से अब तक किसान अपने कुंओं से पानी दे रहे है। मांगतलाई विद्यालय में पानी की समस्या चलते पड़ौसी खेत मालिक मोड़सिंह पुत्र गुमानसिंह दहिया ने 2002 से 2012 तक विद्यालय तक पाइप लाइन बिछाकर पानी की व्यवस्था की। वहीं 2012 से अब तक किसान अभय सिंह पुत्र विशनसिंह दहिया अपने बेरे से पानी की सप्लाई दे रहे है।

अब आ रही है समस्या
वर्तमान में किसानों के सामने रबी की सीजन में बिजली की समस्या आ रही है। वॉल्टेज कम आने से मोटर का जलना जैसी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं ज्यादातर बिजली की सप्लाई रात्रि में देने से किसान सिंचाई के अलावा जीएलआर तक पानी नहीं पहुंचा पाते। ऐसे में बच्चों को पानी की बोतलें साथ लानी पड़ रही है। वहीं पोषाहार बनाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्कूल में ये भी समस्याएं
वर्तमान में विद्यालय भवन में कुल 6 कमरे बने हुए है। जिसमें एक प्रधानाध्यापक कक्ष एवं एक स्टोर कक्ष के रूप में उपयोग किया जा रहा है। चार कमरों आठवी कक्षा तक के 182 छात्र-छात्राएं अध्ययन करते है। ऐसे में कक्षाओं साथ में बिठाना पड़ता है या खुले में अध्ययन करवाना पड़ता है।

इनका कहना
पानी की समस्या के लिए जनप्रतिनिधियों के अलावा हेल्पलाइन पर शिकायत करके थक गए है। निराश होकर किसानों से मदद लेकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। स्कूल से 2 किलोमीटर पर नर्मदा लाइन है, वहां से कनेक्शन करे तो समाधान हो सकता है।
- दिनेशसिंह दहिया, ग्रामीण, ओटवाला

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पानी की सुविधा के लिए जीएलआर बना हुआ है, लेकिन उसमें कनेक्शन नहीं है। किसानो से जीएलआर को भरवा कर काम चला रहे है। कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत करवा चुके है, लेकिन कोई हल नहीं निकला। हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा एक रिपोर्ट मांगी गई थी उसमे भी लिखकर भेजा है। विद्यालय में कक्षा-कक्षों की भी कमी है।
- मोहनलाल दैया, प्रधानाध्यापक राउप्रावि मांगतलाई, ओटवाला

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