24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

​आतंकियों के साथ गिरफ्तार हुए DSP से पूछताछ में हुए कई खुलासे, NIA कर सकता है मामले की जांच

जम्मू-कश्मीर पुलिस और आतंकियों के गठजोड़ से सुरक्षा एजेंसियां भी (Jammu Kashmir Police DSP Devinder singh) चकरा (DSP Devinder Singh) गई (Jammu And Kashmir News) हैं...  

3 min read
Google source verification
​आतंकियों के साथ गिरफ्तार हुए DSP से पूछताछ में हुए कई खुलासे, NIA कर सकता है मामले की जांच

​आतंकियों के साथ गिरफ्तार हुए DSP से पूछताछ में हुए कई खुलासे, NIA कर सकता है मामले की जांच

(जम्मू,योगेश): जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के वानपोह क्षेत्र से हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकियों के साथ पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) देविंदर सिंह के पकड़े जाने के बाद पुलिस हर पहलू की जांच में जुट गई है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद देविंदर सिंह के घर पर छापा मारा गया तो कई जानकारी मिली। इससे यह साफ हुआ कि अधिकारी ने आतंकवादियों को श्रीनगर स्थित अपने घर में पनाह दी। उससे प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

Video: जम्मू में लोहड़ी की धूम, 'हीरन' नृत्य कर बांधा समां

12 लाख में हुई डील...

मिली जानकारी के अनुसार डीएसपी की कार में सवार दोनों आतंकियों से कथित तौर पर 12 लाख में डील हुई थी। इसके बदले वह उन आतंकियों को सुरक्षित चंडीगढ़ ले जाने वाला था। इतना ही नहीं, अपने मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने बकायदा चार दिन की छुट्टी भी ले ली थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस और आतंकियों के गठजोड़ से सुरक्षा एजेंसियां भी चकरा गई हैं। ऐसे में इनकी साठगांठ की परतें अब आइबी और रॉ जैसी केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त जांच में खुलेंगी।

यह भी पढ़ें: इनकी कहानी भी है 'छपाक' जैसी, फिल्म देखने के बाद बयां किया अपना संघर्ष

यूं शुरू हुआ आउट गेम...

सूत्रों का कहना है कि देविंदर सिंह शुक्रवार को दक्षिण कश्मीर के शोपियां से हिजबुल मुजाहिद्दीन के शीर्ष कमांडर नवीद बाबू और उनके दो साथियों को लेकर अपने घर पहुंचा। श्रीनगर में सेना के 15 कोर मुख्यालय के ठीक बगल में स्थित घर में उन्होंने रात गुजारी। सूत्रों का कहना है कि वे शनिवार सुबह जम्मू के लिए निकले, जहां से वे आगे जाने की योजना बना रहे थे। सूत्रों ने को बताया कि छह महीने पहले गैलेंट्री के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक पाने वाले देविंदर सिंह ने नवीद को कई बार अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया था। वहीं पुलिस का कहना है कि सिंह को आतंकवादी की तरह माना जा रहा है और सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम उससे पूछताछ की जा रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यह सभी मिलकर गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में कुछ बड़ा तो नहीं करने वाले थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आतंकी नवीद की गिरफ्तारी एक बड़ी उपलब्धि है, उसके सिर पर 20 लाख रुपए का इनाम था।

यह भी पढ़ें: गंदा काम कराकर बनाया नौकरानी का VIDEO, फिर शुरू हुआ घिनौना खेल

आतंकियों तक हथियार पहुंचाने में भी था हाथ...

सूत्रों की मानें तो कुख्यात आतंकियों के लिए हथियारों की डील करवाने का जिम्मा भी डीएसपी के पास ही था। अभी इस मामले में भी सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। इस दौरान बड़े मामले खुल सकते हैं। वहीं, पूछताछ के आधार पर सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के खमनू और बड़गाम समेत कश्मीर में आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। कुख्यात आतंकी नवीद की निशानदेही पर कुछ हथियार भी बरामद किए हैं। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इस संबंध में कुछ भी बताने से बच रही हैं। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा। रविवार को राज्य पुलिस के महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा कि डीएसपी देविंदर सिंह ने जघन्य अपराध किया है। वह डीएसपी श्रीनगर एयरपोर्ट जैसे अति संवेदनशील जगह पर तैनात था। शनिवार तक इसका अंदाजा भी नहीं था कि वह ऐसे मामले संलिप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी पुलिस को इसके लिए दोषी ठहराना गलत है। बताया जा रहा है कि नवीद और उसके साथी के हथियारों की डील संभवत: जम्मू के सांबा में ही होने वाली थी। इसके बाद दोनों आतंकी कुछ महीने चंडीगढ़ में ही ठहरने वाले थे। अफसरों के अनुसार उनसे पूछताछ के आधार पर ही उनके मंसूबों का पता चल सकेगा। वहीं, डीएसपी के आवास से नकदी भी बरामद हुई है।

यह भी पढ़ें: Video: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी, सफेद चादर में लिपटा कारगिल

ससंद हमले से जुड़े तार...

इससे पहले भी सिंह का नाम संसद हमले में उछला था। सिंह पर दोषी अफजल गुरु को दिल्ली भेजने और संसद पर हमला करने वाले आतंकवादियों के मदद करने का आरोप था। 2013 में अपनी फांसी से पहले, अफज़ल गुरु ने एक पत्र में दावा किया था कि पुलिस अधिकारी ने उसे दिल्ली में संसद पर हमला करने के लिए कहा था और उसके ठहरने की व्यवस्था की थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनके पास संसद हमले से जुड़ने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

NIA कर सकती है मामले की जांच

सूत्रों की माने तो केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मामले पर नज़र रखे हुए है और जल्दी ही मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी को दिया जा सकता है।


जम्मू—कश्मीर की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

यह भी पढ़ें:शातिर तरीके से देने वाले थे सुरक्षाबलों को चकमा, DSP और 2 आतंकी गिरफ्तार, हुए कईं खुलासे