
बारिश से पुंछ और राजौरी जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। धार्मिक यात्राएं भी फिलहाल रोक दी गई है। फोटो सोर्स- IANS
Jammu Kashmir Flood News:जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही तेज बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। पहाड़ों से गिरते मलबे, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति ने पिछले दो दिनों में 24 लोगों की जान ले ली है, जबकि छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर पुंछ और राजौरी जिलों में देखने को मिला है, जहां कई परिवारों की जिंदगी पलभर में उजड़ गई।
सोमवार को पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके के लोरन गांव में दर्दनाक हादसा हुआ। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से भारी मलबा एक कच्चे मकान पर आ गिरा, जिससे एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। वहीं डोडा जिले में जम्मू जा रही एक यात्री बस पर पहाड़ से चट्टान गिरने से दो यात्रियों की जान चली गई और चार अन्य घायल हो गए। काश्तीगढ़ इलाके में मकान ढहने से एक महिला की भी मौत हो गई।
बारिश का सबसे ज्यादा असर धार्मिक यात्राओं पर भी पड़ा है। खराब मौसम और लगातार भूस्खलन के खतरे को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, रियासी की शिवखोड़ी और किश्तवाड़ की सरथल यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। हालांकि, सुरक्षित हालात मिलने पर बालटाल मार्ग से कुछ श्रद्धालुओं को आगे भेजा गया। कटड़ा में करीब 15 हजार श्रद्धालु यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
लगातार बारिश से तवी, चिनाब समेत कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भी कई स्थानों पर पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। राहत की बात यह रही कि यात्रा पहले से बंद होने के कारण वहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। श्राइन बोर्ड और आपदा प्रबंधन की टीमें रास्तों को सुरक्षित बनाने में जुटी हैं।
मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा जताया है। लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा नहीं करने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। हालात को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ और राजौरी में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को छह-छह लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है। फिलहाल मौसम का मिजाज सुधरने के कोई संकेत नहीं हैं, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
Updated on:
21 Jul 2026 10:27 am
Published on:
21 Jul 2026 10:27 am
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