
CG News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में आने वाले दिनों में 8 नई रेत घाटों को मंजूरी मिलने वाली है। इसके लिए कागजी कार्रवाई हो चुकी है। हो सकता है चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद इस पर मोहर लग सकती है। यदि आठ नई खदानें खुलेगी तो जिले में काफी हद तक रेत की कालाबाजारी पर विराम लग सकता है। जिन रेत खदानों को मंजूरी मिलने वाली है उनके कागजात अपडेट हो चुका है। राज्य शासन से मंजूरी का इंतजार है।
जिले में 8 नई रेत घाटों को मंजूरी मिलने वाली है। हालांकि अभी भी इन रेत घाटों में अवैध रूप से रेत उत्खनन जारी है कि लेकिन जब इन्हें मंजूरी मिलेगी तो एक नंबर पर काम शुरू हो जाएगा। इससे न केवल सरकार को राजस्व की आय होगी बल्कि रेत का काला कारोबार भी थमेगा। गौरतलब है कि जिले में महानदी व हसदेव नदी में रेत का भंडार है।
वर्तमान में मात्र 5 रेत घाटों को विधिवत परमिशन मिला है। जहां से रेत उत्खनन हो रहा है। यदि आठ रेत घाटों को परमिशन मिल जाएगी तो जिले में रेत का अवैध उत्खनन काफी हद तक थम जाएगा। इसके लिए खनिज विभाग ने प्रपोजल बनाकर भेज दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ कारणों से इस फाइल पर पेंच फंसा है। पर आने वाले दिनों में इन रेत घाटों को विधिवत अनुमति मिल जाएगी। जिला खनिज अधिकारी के अनिल साहू ने कहा की आने वाले दिनों में 8 नई रेत घाटों के लिए अनुमति मिल सकती है। इसके लिए विभागीय प्रोसेस चल रहा है।
जिले में कहने को दर्जनों रेत घाट आबाद है। इन रेत खदानाें में रात को धड़ल्ले से रेत का अवैध रेत उत्खनन हो रहा है। हालांकि खनिज विभाग इन रेत खदानों में नकेल कसने लगातार छापेमारी कर रही है। बीते एक माह में तकरीबन 90 लाख रुपए से अधिक राजस्व वसूली कर चुकी है। यदि नए इन रेत घाटों को विधिवत परमिशन मिल जाए तो खनिज अधिकारियों को भी मशक्कत करना कम पड़ेगा।
Updated on:
24 Jan 2025 03:09 pm
Published on:
24 Jan 2025 02:51 pm
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