
Monsoon 2024: प्रदेश में दस्तक देने के बाद आखिरकार मानसून जिले में भी शुक्रवार को सक्रिय हो गया और इसी के साथ मानसून का इंतजार खत्म हुआ। शुक्रवार को पूरे जिले में सक्रिय हो गया। पिछले चार दिनों से आसमान में बादल छाए हुए है। साथ ही रुक-रुककर बारिश हो रही है।
इस बार समय से मानसून चार दिन लेट में दस्तक दी है। इससे किसानों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। वहीं किसान इस बार अच्छी बारिश के साथ अच्छी खेती किसानी होने का अनुमान लगा रहे हैं। साथ ही गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली।
Monsoon 2024: जिले में मानसून अपने निर्धारित समय से पांच दिन बाद दस्तक दी है। इस बार छत्तीसगढ़ में मानसून का दस्तक समय से पहले हुआ था। इसके साथ जिले में झमाझम बारिश शुरू हुई। इसके बाद मानसून रूठ सा गया था। तगड़ा सिस्टम सक्रिय होने के बाद पांच दिन बाद मानसून आगे बढ़ते हुए जिले में दस्तक दे दी। इसकी पुष्टि मौसम विभाग ने की है। इस बार मानसून जिले में पांच दिन बाद दस्तक दिया है।
जिले में मानसून पहुंचने का सही 15 व 16 जून है। अधिकांश समय लेट में मानसून पहुंचने से किसान खेती किसानी में पिछड़ जाते थे। क्योंकि जिले में अधिकांश लेई व रोपा पद्धति से खेती करते हैं। इस बार लेट हुआ लेकिन ज्यादा नहीं हुआ है, ऐसे में किसानों का कहना है कि इस बार समय में मानसून पहुंचने से अच्छी बारिश के साथ अच्छी फसल भी होगी। साथ ही भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत मिली है। जिले में मानसून पहुंचने के बाद पिछले पांच दिनों से आसमान में बादल छाए हुए। इस दौरान बीच-बीच में रुक-रुककर बारिश भी हो रही है। उमस भरी गर्मी से निजात मिल गई।
दक्षिण पश्चिम मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है। एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका राजस्थान से मणिपुर तक 0.9 ऊपर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बिहार और उससे लगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से 26 जून से जिले के कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
जिले में मानसून पहुंचने के आंकड़ा पर गौर करें तो 15 साल में 5 बार ही मानूसन अपने निर्धारित समय से पहले पहुंचा है। पहले पहुंचने के बाद भी औसत से ज्यादा बारिश इन इन सालों में हुई। हालांकि जिले में मानसून पहले या लेट में पहुंचने से बारिश में ज्यादा अंतर नहीं आया है। औसत बारिश लगभग हर साल जिले में हो ही जाती है।
Published on:
22 Jun 2024 06:07 pm
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