संस्थान के डॉ. राजर्षि महापात्र ने बताया कि किसी कार्य को करने के लिए लोगों के पास कई आइडिया होते हैं, लेकिन उसे धरातल पर लाने के लिए लैब में रिसर्च करने की आवश्यकता होती है। ट्रिपलआईटी का 5जी लैब इसी तरह है। कई लोग आज 4जी को 5जी में बदलने पर कार्य कर रहे हैं, वे लोग यहां आकर अपना कार्य कर सकते हैं। वर्तमान में संस्थान के छात्र प्रोजेक्ट कार्य लैब में कर रहे हैं। महापात्र ने बताया कि यह मध्य भारत में अपनी तरह का पहला लैब होगा। इसके साथ ही भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों आईआईटी मद्रास, आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और एसएएमआईईआर मुंबई की तरह रायपुर में भी 5जी लैब की सुविधा हो गई है। यह देश के स्टार्टअप्स और उद्योगों के लिए 5जी तकनीक उपयोगी साबित होगा।