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पुलिस का ये जवाब सुनते ही बड़े भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे छोटे भाई की पैरों तले खिसक गई जमीन

बड़े भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे छोटे भाई को जब पुलिस ने फाइल दिखाई तो उसके होश उड़ गए। फिर पुलिस ने...

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पुलिस का ये जवाब सुनते ही बड़े भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे छोटे भाई की पैरों तले खिसक गई जमीन

पुलिस का ये जवाब सुनते ही बड़े भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे छोटे भाई की पैरों तले खिसक गई जमीन

जांजगीर-चांपा. तीन दिन बाद भी जब बड़ा भाई घर नहीं लौटा तो हड़बड़ाया छोटा भाई उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा, लेकिन यहां आकर पुलिस ने उसे एक अज्ञात व्यक्ति की फोटो, साइकिल और कपड़े दिखाए, जिसे देख छोटे भाई की पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने सब चीजें अपने बड़े भाई की बताई। पुलिस ने कहा इनका कफन-दफन कर दिया गया है। इसके बाद कब्र खोदकर लाश निकाली गई, जो बड़े भाई की निकली। इससे परिजनों पर दुखों का पड़ाह टूट पड़ा। मामला नैला चौकी का है।

दरअसल, विगत 17 अक्टूबर को ग्राम सरखों के शराब दुकान के पास एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी। पास ही एक साइकिल भी पड़ी थी। सूचना पर नैला चौकी पुलिस पहुंची और शिनाख्ती करने की कोशिश की, लेकिन शिनाख्ती नहीं हो पाई। पुलिस ने पंचनामा कर मृतक के फोटोग्राफ्स लिए। इसके बाद नैला पुलिस ने अज्ञात मानते हुए शव का कफन-दफन करा दिया।

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इधर ग्राम सिवनी नैला निवासी मनबोध बरेठ का बड़ा भाई छतराम बरेठ 45 वर्ष भी 17 अक्टूबर के दिन ही अचानक गायब हो गया और घर नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश में लगे हुए थे। कहीं पता नहीं चलने पर 20 अक्टूबर को मनबोध अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने नैला चौकी पहुंचा, जहां अपने भाई के लापता होने की जानकारी दी। ऐसे में पुलिस ने सरखों शराब दुकान के पास मिले अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने की बात बताई और मृतक के पास मिली साइकिल, उसके कपड़े और फोटोग्राफ्स दिखाया। जिस पर मनबोध ने कपड़े और साइकिल के आधार पर उसकी शिनाख्त अपने बड़े भाई छतराम के रूप में की।

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ऐसे में मनबोध ने अपने भाई का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार करने को लेकर दंडाधिकारी जांजगीर एसडीएम के पास कब्र खोदने की अनुमति मांगी। जिस पर एसडीएम द्वारा जांजगीर तहसीलदार को कार्यपालिक दंडाधिकारी नियुक्त करते हुए 21 अक्टूबर को शव उत्खनन की अनुमति दी।
इसके बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में नायब तहसीलदार, पटवारी समेत परिजन की उपस्थिति में कब्र खोदकर लाश को निकलवाया गया। जिस पर लाश छतराम बरेठ की ही निकली। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाश परिजनों को सौंप दी गई जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कराया।