
पत्नी को इस चीज की थी इतनी लालच कि पति नहीं कर सका पूरा, उठा लिया ये खौफनाक कदम...
जांजगीर चांपा. शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम तुस्मा के रहने वाले युवक रमेश प्रधान (22) ने शुक्रवार की शाम बलौदाबाजार जिले के सोनाखान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रमेश के जेब से एक सुसाइट नोट मिला है जिसमें उसने आत्महत्या के लिए अपनी ही पत्नी को जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने बताया कि रमेश सोनाखान जिला बलौदाबाजार में बन रहे एकलव्य भवन में सेंट्रिंग का काम करता था। शुक्रवार की शाम उसने अपने बगल के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसकी पत्नी उसे ढुढंते हुए दूसरे कमरे में गई तो खिड़की से फांसी पर लटके पति को देखा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंध था। इसकी जानकारी अपने पड़ोसी को दी। पड़ोसियों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला और रमेश को नीचे उतारा। उसे सोनाखान हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ऐसे में भवन ठेकेदार ने रमेश की बॉडी को पत्नी को बिना बताए तुस्मा भिजवा दिया। मौत की सूचना मिलने पर शिवरीनारायण पुलिस ग्राम तुस्मा पहुंची जहां पंचनामा के दौरान तलाशी लेने पर रमेश के जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने पंचनामा बना शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सभी बिंदुओं पर शिवरीनारायण पुलिस जांच कर रही है।
READ : जानिए क्या है वजह जब टापू बन गया बीएसएनएल कार्यालय
सुसाइट नोट में पत्नी को ठहराया मौत के जिम्मेदार
जेब से मिले सुसाइड नोट में रमेश ने अपनी पत्नि की प्रताडऩा से तंग आकर खुदकशी करने की बात लिखी है। युवक ने पत्नी पर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को केवल पैसा चाहिए था जबकि वह मात्र चार सौ रुपए कमाने वाला मजदूर हैं। इधर रमेश की पत्नी गायत्री ने पुलिस को बताया कि उसके पति के साथ उसका किसी प्रकार का विवाद नहीं था। पति ने फांसी क्यों लगाया उसे खुद कुछ समझ नहीं आ रहा। शिवरीनारायण पुलिस ने गायत्री का बयान दर्ज कर लिया है।
READ : अब घर में लगा सकेंगे एक किलोवाट का सोलर प्लांट पढ़िए पूरी खबर...
दो साल पहले किया था अंतरजातीय विवाह
रमेश कमाने खाने धनबाद गया हुआ था। वहां मोबाइल से रमेश का परिचय गायत्री नाम की एक युवती से हुआ। बात करते करते दोनों में प्रेम प्रसंग शुरू हो गया और दो साल पहले घरवालों को बिना बताए अंतरजातीय विवाह कर लिया। शादी के बाद रमेश ने दो महीने तक पत्नी को साथ रखा फिर उसके मायके छोड़ दिया जहां गायत्री ने एक बेटेे को जन्म दिया। इसके बाद रमेश सोनाखान में काम करने चला गया था अभी हाल में ही अपनी पत्नी को मायके से वहां लेकर गया था।
READ : बेपनाह मुहब्बत का ऐसा अंत, पढ़िए पूरी खबर
ठेकेदार की भूमिका संदिग्ध
रमेश घनश्याम साहू नाम के ठेकेदार के पास काम करता था जिसने सोनाखान जिला बलौदाबाजार में बन रहे एकलव्य भवन का ठेका लिया है। रमेश यहां सेंट्रिंग का करता था। परन्तु जिस तरह ठेकेदार ने संबंधित क्षेत्र के पुलिस को सूचना दिए बगैर पिकअप में शव को रखवा कर लड़के के घर तुस्मा भिजवा दिया जिससे घटना में ठेकेदार की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। उसने खुद को पुलिस के पचड़े से बचने के लिए ऐसा किया या वजह कुछ और है।
READ : नया राशनकार्ड होगा अब तिरंगा कलर का, 1 सितंबर से पहुंचेगा आपके हाथों तक
मेरे बेटे को भैया-भाभी को दे देना
रमेश ने अपने सुसाइट नोट में अपनी आखिरी इच्छा भी जाहिर की है कि वह अपने बेटे से बहुत प्यार करता है। मेरे जाने के बाद उसे भैया-भाभी को सौंप दिया। जिस तरह मैं जब 8 साल का था तो जिस तरह भैया-भाभी ने पाला, उसी तरह मेरे बेटे को भी कभी मां की कमी नहीं होने देगी। सुसाइड नोट में तिलेश नामक व्यक्ति का जिक्र करते हुए लिखा है कि मुझे जान से भी ज्यादा प्यार करने वाली तिलेश जिसकी वजह से मैं जी रहा हूं। तिलेश मेरे लिए अपने भाइयों से भी लड़ जाती थी। वहीं अपनी पत्नी को उसके मायके भेज देने की बात लिखी है ताकि वह किसी पैसे वाले से शादी कर सके। यही उसकी आखिरी इच्छा है।
Published on:
10 Aug 2019 08:04 pm
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
