
राम वन गमन मार्ग के पहले चरण में पर्यटन के रूप में विकसित होगा शिवरीनारायण, पढि़ए पूरी खबर...
शिवरीनारायण. वनवास के समय भगवान राम के चरण जिन जगहों पर पड़े उन जगहों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना अब मूर्तरूप लेने वाली हैं। राम वन गमन मार्ग के पहले चरण में जिन स्थानों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा, उन स्थानों में जांजगीर-चाम्पा जिले के टेम्पल सिटी के नाम से विख्यात शिवरीनारायण नगर भी शामिल है। राम वन गमन के दौरान माता सीता की खोज करते हुए भगवान राम का आगमन नगर में हुआ था।
धार्मिक मान्यता के अनुसार शिवरीनारायण में माता शबरी ने भगवान श्री राम को जूठे बेर खिलाये थे। शबरी का धाम होने के कारण ही नगर का नाम शिवरीनारायण पड़ा। शिवरीनारायण नगरी की धार्मिक महत्व को देखते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार ने अब शिवरीनारायण को पर्यटन के रूप में विकसित करने का बीड़ा उठाया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को विधानसभा परिसर में हुई बैठक में राम गमन मार्ग के स्थानों को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न चरणों के आधार कार्ययोजना बनाई जाएगी। पहले चरण में 8 स्थानों को चिन्हांकित किया गया है। इन 8 स्थानों में नगर का नाम भी शामिल हैं। नगर को पर्यटन के रूप में विकसित करने राज्य सरकार की घोषणा के बाद से नगर के लोगों में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है।
नगर में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं विद्यमान हैं। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिवरीनारायण के दर्शन करने पहुंचते हैं। नगर में पर्यटकों के लिए सुविधाओ को कमी बनी रहती हैं। यदि नगर में आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी होती हैं तो निश्चित ही बड़ी संख्या में लोगो का आगमन नगर में होगा। इससे नगर के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
चार अफसरों की बनेगी समिति
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राम गमन मार्ग के चिन्हित स्थानों का सर्वेक्षण चार अफसरों की टीम करेगी। अफसरों की समिति चिन्हित स्थानों की कार्ययोजना बना शासन को सौंपेगी। इसी आधार पर जगहों को विकसित किया जाएगा। सर्वेक्षण का कार्य जल्द प्रारम्भ होगा ताकि काम में तेजी लाई जा सके।
पर्यटन क्षेत्रों में इन सुविधाओं का होगा विस्तार
वन गमन मार्गों को विकसित करने की राज्य सरकार की मंशा के अनुसार पर्यटन स्थल में पर्यटन सुविधा केंद्र, इंटरप्रिटेशन सेंटर, वैदिक विलेज, पगोड़ा, वेटिंग शेड, पेयजल, शौचालय, बैठने के लिए कुर्सियां होगी। पर्यटकों के लिए खान-पान की सुविधा के साथ नदी घाटों को विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। जिन स्थानों में नदी हैं उन स्थानों में पर्यटकों के लिए मोटरबोट की सुविधाएं देने की संभावना हैं। ताकि घूमने आने वाले पर्यटकों को अच्छी सुविधा मिल सके।
Published on:
22 Nov 2019 05:42 pm
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